अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सोक बिकल सब रोवहिं रानी। रूपु सील बलु तेजु बखानी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दसब रानियाँ शोकके मारे व्याकुल होकर रो रही हैं। वे राजाके रूप, शील, बल और तेजका बखान कर-करके अनेकों प्रकारसे विलाप कर रही हैं और बार-बार धरतीपर गिर-गिर पड़ती हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 473 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सोक बिकल सब रोवहिं रानी। रूपु सील बलु तेजु बखानी।।
करहिं बिलाप अनेक प्रकारा। परहीं भूमितल बारहिं बारा।।
स्रोत अभिलेख 2.156 · पुस्तक पृ. 473, 473
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सोक बिकल सब रोवहिं रानी। रूपु सील बलु तेजु बखानी।।
English explanation
All the queens, distraught with grief, weep while recounting Dasharatha’s beauty, character, strength, and splendor.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सोक | शोक से | with grief |
| बिकल | व्याकुल | distraught |
| सब | सभी | all |
| रोवहिं | रोती हैं | weep |
| रानी | रानियाँ | queens |
| रूपु | रूप | beauty |
| सील | शील; सदाचरण | character; good conduct |
| बलु | बल | strength |
| तेजु | तेज; प्रताप | splendor; majesty |
| बखानी | वर्णन करते हुए | while recounting |
2 करहिं बिलाप अनेक प्रकारा। परहीं भूमितल बारहिं बारा।।
English explanation
They lament in many ways and fall to the ground again and again.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करहिं | करती हैं | they make |
| बिलाप | विलाप | lamentation |
| अनेक | अनेक | many |
| प्रकारा | प्रकारों से | in ways |
| परहीं | गिर पड़ती हैं | fall down |
| भूमितल | भूमि पर | to the ground |
| बारहिं | बार-बार | again and again |
| बारा | बार | time |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.156
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 473
- सहायक विषय
- मुनि वसिष्ठका भरतजीको बुलानेके लिये दूत भेजना
- मुद्रित पृष्ठ
- 473, 473
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।