अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुर गन सहित सभय सुरराजू। सोचहिं चाहत होन अकाजू।।
मूल पाठ
सुर गन सहित सभय सुरराजू। सोचहिं चाहत होन अकाजू।।
बनत उपाउ करत कछु नाहीं। राम सरन सब गे मन माहीं।।
स्रोत अभिलेख 2.265 · पुस्तक पृ. 564, 565
भावार्थ
मूल पाठ के बाददेवगणोंसहित देवराज इन्द्र भयभीत होकर सोचने लगे कि अब बना-बनाया काम बिगडऩा ही चाहता है। कुछ उपाय करते नहीं बनता। तब वे सब मन-ही-मन श्रीरामजीकी शरण गये॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 564 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सुर गन सहित सभय सुरराजू। सोचहिं चाहत होन अकाजू।।
English explanation
AI draft: Indra, king of the gods, and the assembled gods anxiously think that a disastrous turn is imminent.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुर | देवताओं का | of the gods |
| गन | समूह | assembly |
| सहित | के साथ | together with |
| सभय | भयभीत | fearful |
| सुरराजू | देवराज इंद्र | Indra, king of the gods |
| सोचहिं | चिंता करते हैं | worry; think anxiously |
| चाहत | होने वाला है | is about to |
| होन | होना | happen |
| अकाजू | अनिष्ट; काम बिगड़ना | disaster; frustration of their purpose |
2 बनत उपाउ करत कछु नाहीं। राम सरन सब गे मन माहीं।।
English explanation
Despite trying to devise a remedy, nothing works; all inwardly take refuge in Rama.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बनत | बन पड़ता; सफल होता | works; succeeds |
| उपाउ | उपाय | a remedy |
| करत | करते हुए | while attempting |
| कछु | कुछ भी | anything |
| नाहीं | नहीं | not |
| राम | राम की | of Rama |
| सरन | शरण | refuge |
| सब | सभी देवता | all the gods |
| गे | गए | went; resorted |
| मन | मन | the mind |
| माहीं | में ही | within |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.265
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 564
- सहायक विषय
- श्रीराम-भरतादिका संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 564, 565
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।