अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुबस बसिहि फिरि अवध सुहाई। सब गुन धाम राम प्रभुताई।।
मूल पाठ
सुबस बसिहि फिरि अवध सुहाई। सब गुन धाम राम प्रभुताई।।
करिहहिं भाइ सकल सेवकाई। होइहि तिहुँ पुर राम बड़ाई।।
स्रोत अभिलेख 2.36 · पुस्तक पृ. 373, 374
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[तेरी उजाड़ी हुई] यह सुन्दर अयोध्या फिर भलीभाँति बसेगी और समस्त गुणोंके धाम श्रीरामकी प्रभुता भी होगी। सब भाई उनकी सेवा करेंगे और तीनों लोकोंमें श्रीरामकी बड़ाई होगी॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 373 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सुबस बसिहि फिरि अवध सुहाई। सब गुन धाम राम प्रभुताई।।
English explanation
Beautiful Ayodhya will flourish happily again under the rule of Rama, the abode of every virtue.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुबस | सुखपूर्वक आबाद | happily flourishing |
| बसिहि | बसेगी | will be inhabited |
| फिरि | फिर | again |
| अवध | अयोध्या नगरी | the city of Ayodhya |
| सुहाई | सुंदर | beautiful |
| सब | सभी | all |
| गुन | गुणों के | of virtues |
| धाम | धाम, आश्रय | abode |
| राम | राम, दशरथ के पुत्र | Rama, Dasharatha’s son |
| प्रभुताई | के शासन में | under his rule |
2 करिहहिं भाइ सकल सेवकाई। होइहि तिहुँ पुर राम बड़ाई।।
English explanation
All the brothers will serve Rama, and Rama will be praised throughout the three worlds.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करिहहिं | करेंगे | will perform |
| भाइ | भाई | brothers |
| सकल | सभी | all |
| सेवकाई | सेवा | service |
| होइहि | होगी | will occur |
| तिहुँ | तीनों | all three |
| पुर | लोकों में | in the worlds |
| राम | राम की | of Rama |
| बड़ाई | प्रशंसा, कीर्ति | praise and renown |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.36
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 373
- सहायक विषय
- दशरथ-कैकेयी-संवाद और दशरथ-शोक, सुमन्त्रका महलमें जाना और वहाँसे लौटकर श्रीरामजीको महलमें भेजना
- मुद्रित पृष्ठ
- 373, 374
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।