अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुनत राम अभिषेक सुहावा। बाज गहागह अवध बधावा।।
मूल पाठ
सुनत राम अभिषेक सुहावा। बाज गहागह अवध बधावा।।
राम सीय तन सगुन जनाए। फरकहिं मंगल अंग सुहाए।।
स्रोत अभिलेख 2.7 · पुस्तक पृ. 349, 349
भावार्थ
मूल पाठ के बादश्रीरामचन्द्रजीके राज्याभिषेककी सुहावनी खबर सुनते ही अवधभरमें बड़ी धूमसे बधावे बजने लगे। श्रीरामचन्द्रजी और सीताजीके शरीरमें भी शुभ शकुन सूचित हुए। उनके सुन्दर मङ्गल अङ्ग फड़कने लगे॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 349 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सुनत राम अभिषेक सुहावा। बाज गहागह अवध बधावा।।
English explanation
On hearing the news of Rama’s joyous coronation, celebratory music resounded loudly throughout Ayodhya.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनत | सुनते ही | upon hearing |
| राम | राम का | Rama’s |
| अभिषेक | राज्याभिषेक | coronation |
| सुहावा | सुहावना, आनंददायक | delightful and joyous |
| बाज | बजने लगे | began to sound |
| गहागह | जोर-जोर से, गूँजते हुए | loudly and resoundingly |
| अवध | अयोध्या में | in Ayodhya |
| बधावा | बधाई के बाजे | celebratory music |
2 राम सीय तन सगुन जनाए। फरकहिं मंगल अंग सुहाए।।
English explanation
Rama’s and Sita’s bodies showed favorable omens; their lovely limbs twitched auspiciously.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | राम के | Rama’s |
| सीय | सीता के | Sita’s |
| तन | शरीरों ने | bodies |
| सगुन | शुभ शकुन | favorable omens |
| जनाए | प्रकट किए | revealed |
| फरकहिं | फड़कने लगे | began twitching |
| मंगल | मंगलसूचक | auspicious |
| अंग | अंग | limbs |
| सुहाए | सुंदर | lovely |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.7
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 349
- सहायक विषय
- रामराज्याभिषेककी तैयारी, देवताओंकी व्याकुलता तथा सरस्वतीजीसे उनकी प्रार्थना
- मुद्रित पृष्ठ
- 349, 349
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