अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुनत तीरवासी नर नारी। धाए निज निज काज बिसारी।।
मूल पाठ
सुनत तीरवासी नर नारी। धाए निज निज काज बिसारी।।
लखन राम सिय सुन्दरताई। देखि करहिं निज भाग्य बड़ाई।।
स्रोत अभिलेख 2.11 · पुस्तक पृ. 434, 435
भावार्थ
मूल पाठ के बादयमुनाजीके किनारेपर रहनेवाले स्त्री-पुरुष [यह सुनकर कि निषादके साथ दो परम सुन्दर सुकुमार नवयुवक और एक परम सुन्दरी स्त्री आ रही है] सब अपना-अपना काम भूलकर दौड़े और लक्ष्मणजी, श्रीरामजी और सीताजीका सौन्दर्य देखकर अपने भाग्यकी बड़ाई करने लगे॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 434 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सुनत तीरवासी नर नारी। धाए निज निज काज बिसारी।।
English explanation
Hearing the news, the men and women living along the riverbank left their respective tasks and rushed over.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनत | सुनते ही | on hearing |
| तीरवासी | नदी के तट पर रहने वाले | riverbank dwellers |
| नर | पुरुष | men |
| नारी | स्त्रियाँ | women |
| धाए | दौड़ पड़े | rushed over |
| निज | अपने | their own |
| निज | अपने-अपने | respective |
| काज | काम | tasks |
| बिसारी | भूलकर | forgetting |
2 लखन राम सिय सुन्दरताई। देखि करहिं निज भाग्य बड़ाई।।
English explanation
Seeing the beauty of Lakshmana, Rama, and Sita, they praise their own good fortune.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| लखन | लक्ष्मण, राम के छोटे भाई | Lakshmana, Rama's younger brother |
| राम | राम | Rama |
| सिय | सीता, राम की पत्नी | Sita, Rama's wife |
| सुन्दरताई | सुंदरता | beauty |
| देखि | देखकर | seeing |
| करहिं | करते हैं | they make |
| निज | अपने | their own |
| भाग्य | भाग्य की | of their fortune |
| बड़ाई | प्रशंसा | praise |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.11
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 434
- सहायक विषय
- प्रयाग पहुँचना, श्रीराम-भरद्वाज-संवाद, यमुनातीरनिवासियोंका प्रेम
- मुद्रित पृष्ठ
- 434, 435
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।