अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सीस जटा कटि मुनि पट बाँधें। तून कसें कर सरु धनु काँधें।।
मूल पाठ
सीस जटा कटि मुनि पट बाँधें। तून कसें कर सरु धनु काँधें।।
बेदी पर मुनि साधु समाजू। सीय सहित राजत रघुराजू।।
स्रोत अभिलेख 2.239 · पुस्तक पृ. 542, 543
भावार्थ
मूल पाठ के बादसिरपर जटा है। कमरमें मुनियोंका (वल्कल) वस्त्र बाँधे हैं और उसीमें तरकस कसे हैं। हाथमें बाण तथा कंधेपर धनुष है। वेदीपर मुनि तथा साधुओंका समुदाय बैठा है और सीताजीसहित श्रीरघुनाथजी विराजमान हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 542 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सीस जटा कटि मुनि पट बाँधें। तून कसें कर सरु धनु काँधें।।
English explanation
Lakshmana had matted locks on his head and an ascetic’s cloth tied at his waist; his quiver was fastened, with an arrow in his hand and a bow on his shoulder.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सीस | सिर पर | on the head |
| जटा | जटाएँ | matted locks |
| कटि | कमर में | at the waist |
| मुनि | मुनियों का | an ascetic’s |
| पट | वस्त्र | cloth garment |
| बाँधें | बाँधे हुए | tied |
| तून | तरकश | quiver |
| कसें | कसे हुए | fastened securely |
| कर | हाथ में | in the hand |
| सरु | बाण | arrow |
| धनु | धनुष | bow |
| काँधें | कंधे पर | on the shoulder |
2 बेदी पर मुनि साधु समाजू। सीय सहित राजत रघुराजू।।
English explanation
On the raised platform, amid the gathering of sages and holy people, Rama, lord of the Raghu line, shone with Sita beside him.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बेदी | वेदी; ऊँचा चबूतरा | raised platform |
| पर | पर | on |
| मुनि | मुनियों का | of sages |
| साधु | साधुओं का | of holy people |
| समाजू | समुदाय; सभा | gathering |
| सीय | सीता | Sita, Rama’s wife |
| सहित | के साथ | together with |
| राजत | शोभायमान हैं | shines splendidly |
| रघुराजू | रघुवंश के राजा राम | Rama, lord of the Raghu line |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.239
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 542
- सहायक विषय
- भरतजीका मन्दाकिनी-स्नान, चित्रकूटमें पहुँचना, भरतादि सबका परस्पर मिलाप, पिताका शोक और श्राद्ध
- मुद्रित पृष्ठ
- 542, 543
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।