अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सिबि दधीचि हरिचंद कहानी। एक एक सन कहहिं बखानी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दवे शिबि, दधीचि और हरिश्चन्द्रकी कथा एक दूसरेसे बखानकर कहते हैं। कोई एक इसमें भरतजीकी सम्मति बताते हैं। कोई एक सुनकर उदासीनभावसे रह जाते हैं (कुछ बोलते नहीं)॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 383 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सिबि दधीचि हरिचंद कहानी। एक एक सन कहहिं बखानी।।
एक भरत कर संमत कहहीं। एक उदास भायँ सुनि रहहीं।।
स्रोत अभिलेख 2.48 · पुस्तक पृ. 383, 384
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सिबि दधीचि हरिचंद कहानी। एक एक सन कहहिं बखानी।।
English explanation
They recount to one another the stories of Shibi, Dadhichi, and Harishchandra.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सिबि | त्यागी राजा शिबि की | of King Shibi, renowned for sacrifice |
| दधीचि | त्यागी ऋषि दधीचि की | of the self-sacrificing sage Dadhichi |
| हरिचंद | सत्यनिष्ठ राजा हरिश्चंद्र की | of the truth steadfast King Harishchandra |
| कहानी | कथा | stories |
| एक | एक व्यक्ति | one person |
| एक | दूसरे व्यक्ति | another person |
| सन | से | to |
| कहहिं | कहते हैं | tell |
| बखानी | विस्तार से वर्णन करके | recounting in detail |
2 एक भरत कर संमत कहहीं। एक उदास भायँ सुनि रहहीं।।
English explanation
Some say that Bharata has consented to this; others remain listening dejectedly.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एक | कुछ लोग | some people |
| भरत | राम के भाई भरत | Bharata, Rama's brother |
| कर | की | of |
| संमत | सहमति | consent |
| कहहीं | कहते हैं | say |
| एक | कुछ अन्य लोग | some others |
| उदास | उदास | dejected |
| भायँ | भाव से | in a mood |
| सुनि | सुनकर | listening |
| रहहीं | रहते हैं | remain |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.48
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 383
- सहायक विषय
- श्रीराम-दशरथ-संवाद, अवध-वासियोंका विषाद, कैकेयीको समझाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 383, 384
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।