अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सिबि दधीचि बलि जो कछु भाषा। तनु धनु तजेउ बचन पनु राखा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दराजा शिबि, दधीचि और बलिने जो कुछ कहा, शरीर और धन त्यागकर भी उन्होंने अपने वचनकी प्रतिज्ञाको निबाहा। कैकेयी बहुत ही कड़ुवे वचन कह रही है, मानो जलेपर नमक छिड़क रही हो॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 369 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सिबि दधीचि बलि जो कछु भाषा। तनु धनु तजेउ बचन पनु राखा।।
अति कटु बचन कहति कैकेई। मानहुँ लोन जरे पर देई।।
स्रोत अभिलेख 2.3 · पुस्तक पृ. 368, 369
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सिबि दधीचि बलि जो कछु भाषा। तनु धनु तजेउ बचन पनु राखा।।
English explanation
Shibi, Dadhichi, and Bali gave up body or wealth to fulfill what they had said, keeping the pledge of their word.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सिबि | राजा शिबि | King Shibi |
| दधीचि | ऋषि दधीचि | the sage Dadhichi |
| बलि | राजा बलि | King Bali |
| जो | जो | whatever |
| कछु | कुछ | anything |
| भाषा | कहा; वचन दिया | said; promised |
| तनु | शरीर | body |
| धनु | धन; संपत्ति | wealth; possessions |
| तजेउ | त्याग दिया | gave up |
| बचन | वचन का | of their word |
| पनु | प्रण; प्रतिज्ञा | pledge |
| राखा | निभाया; रखा | kept; fulfilled |
2 अति कटु बचन कहति कैकेई। मानहुँ लोन जरे पर देई।।
English explanation
Kaikeyi speaks exceedingly bitter words, as though putting salt on a burn.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अति | अत्यंत | exceedingly |
| कटु | कड़वे; कठोर | bitter; harsh |
| बचन | वचन | words |
| कहति | कहती हैं | speaks |
| कैकेई | कैकेयी, दशरथ की रानी | Kaikeyi, Dasharatha’s queen |
| मानहुँ | मानो | as though |
| लोन | नमक | salt |
| जरे | जले हुए स्थान | a burned spot |
| पर | पर | on |
| देई | डालती हों | were putting |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.3
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 369
- सहायक विषय
- दशरथ-कैकेयी-संवाद और दशरथ-शोक, सुमन्त्रका महलमें जाना और वहाँसे लौटकर श्रीरामजीको महलमें भेजना
- मुद्रित पृष्ठ
- 368, 369
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।