अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
समाचार जब लछिमन पाए। ब्याकुल बिलख बदन उठि धाए।।
मूल पाठ
समाचार जब लछिमन पाए। ब्याकुल बिलख बदन उठि धाए।।
कंप पुलक तन नयन सनीरा। गहे चरन अति प्रेम अधीरा।।
स्रोत अभिलेख 2.7 · पुस्तक पृ. 401, 402
भावार्थ
मूल पाठ के बादजब लक्ष्मणजीने ये समाचार पाये, तब वे व्याकुल होकर उदास-मुँह उठ दौड़े। शरीर काँप रहा है, रोमाञ्च हो रहा है, नेत्र आँसुओंसे भरे हैं। प्रेमसे अत्यन्त अधीर होकर उन्होंने श्रीरामजीके चरण पकड़ लिये॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 401 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 समाचार जब लछिमन पाए। ब्याकुल बिलख बदन उठि धाए।।
English explanation
When Lakshmana received the news, he rose and rushed over, distraught and sorrow-faced.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| समाचार | समाचार | the news |
| जब | जब | when |
| लछिमन | लक्ष्मण, राम के छोटे भाई | Lakshmana, Rama’s younger brother |
| पाए | प्राप्त किया | received |
| ब्याकुल | व्याकुल | distraught |
| बिलख | उदास, शोकाकुल | sorrowful |
| बदन | मुख | face |
| उठि | उठकर | having risen |
| धाए | दौड़े | rushed over |
2 कंप पुलक तन नयन सनीरा। गहे चरन अति प्रेम अधीरा।।
English explanation
His body trembled and thrilled, and his eyes filled with tears. Overwhelmed by deep love, he clasped Rama’s feet.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कंप | कँपकँपी | trembling |
| पुलक | रोमांच | hair standing on end |
| तन | शरीर में | in the body |
| नयन | आँखें | eyes |
| सनीरा | आँसुओं से भरी | filled with tears |
| गहे | पकड़ लिए | clasped |
| चरन | राम के चरण | Rama’s feet |
| अति | अत्यंत | exceedingly |
| प्रेम | प्रेम से | with love |
| अधीरा | अधीर, व्याकुल | overwhelmed and restless |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.7
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 401
- सहायक विषय
- श्रीराम-कौसल्या-सीता-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 401, 402
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।