अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सभय नरेसु प्रिया पहिं गयऊ। देखि दसा दुखु दारुन भयऊ।।
मूल पाठ
सभय नरेसु प्रिया पहिं गयऊ। देखि दसा दुखु दारुन भयऊ।।
भूमि सयन पटु मोट पुराना। दिए डारि तन भूषण नाना।।
स्रोत अभिलेख 2.25 · पुस्तक पृ. 364, 364
भावार्थ
मूल पाठ के बादराजा डरते-डरते अपनी प्यारी कैकेयीके पास गये। उसकी दशा देखकर उन्हें बड़ा ही दु:ख हुआ। कैकेयी जमीनपर पड़ी है। पुराना मोटा कपड़ा पहने हुए है। शरीरके नाना आभूषणोंको उतारकर फेंक दिया है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 364 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सभय नरेसु प्रिया पहिं गयऊ। देखि दसा दुखु दारुन भयऊ।।
English explanation
The frightened king went to his beloved wife. Seeing her condition, he felt profound distress.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सभय | भयभीत | afraid |
| नरेसु | राजा दशरथ | King Dasharatha |
| प्रिया | प्रिय पत्नी कैकेयी | his beloved wife Kaikeyi |
| पहिं | के पास | to |
| गयऊ | गए | went |
| देखि | देखकर | having seen |
| दसा | उसकी अवस्था | her condition |
| दुखु | दुख | distress |
| दारुन | अत्यंत तीव्र | severe |
| भयऊ | हुआ | arose |
2 भूमि सयन पटु मोट पुराना। दिए डारि तन भूषण नाना।।
English explanation
Kaikeyi lay on the ground, wearing coarse, old cloth. She had cast aside the various ornaments from her body.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भूमि | भूमि पर | on the ground |
| सयन | लेटना, शयन | lying down |
| पटु | वस्त्र | cloth or garment |
| मोट | मोटा, खुरदरा | coarse |
| पुराना | पुराना | old |
| दिए | दे दिए थे | had |
| डारि | फेंककर | cast aside |
| तन | शरीर के | of her body |
| भूषण | आभूषण | ornaments |
| नाना | तरह-तरह के | various |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.25
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 364
- सहायक विषय
- दशरथ-कैकेयी-संवाद और दशरथ-शोक, सुमन्त्रका महलमें जाना और वहाँसे लौटकर श्रीरामजीको महलमें भेजना
- मुद्रित पृष्ठ
- 364, 364
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।