अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सब प्रकार भूपति बड़भागी। बादि बिषादु करिअ तेहि लागी।।
मूल पाठ
सब प्रकार भूपति बड़भागी। बादि बिषादु करिअ तेहि लागी।।
यहु सुनि समुझि सोचु परिहरहू। सिर धरि राज रजायसु करहू।।
स्रोत अभिलेख 2.174 · पुस्तक पृ. 487, 488
भावार्थ
मूल पाठ के बादराजा सब प्रकारसे बड़भागी थे। उनके लिये विषाद करना व्यर्थ है। यह सुन और समझकर सोच त्याग दो और राजाकी आज्ञा सिर चढ़ाकर तदनुसार करो॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 487 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सब प्रकार भूपति बड़भागी। बादि बिषादु करिअ तेहि लागी।।
English explanation
AI draft: King Dasharatha is greatly fortunate in every way; grieving for him is futile.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सब | सब | every |
| प्रकार | प्रकार से | way; in every respect |
| भूपति | राजा दशरथ | King Dasharatha |
| बड़भागी | अत्यंत भाग्यवान | greatly fortunate |
| बादि | व्यर्थ | in vain |
| बिषादु | शोक | grief |
| करिअ | किया जाए | should be felt or expressed |
| तेहि | उनके | him; that king |
| लागी | लिए | for; on account of |
2 यहु सुनि समुझि सोचु परिहरहू। सिर धरि राज रजायसु करहू।।
English explanation
Having heard and understood this, give up grief; respectfully accept the king’s command and carry it out.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| यहु | यह बात | this |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| समुझि | समझकर | having understood |
| सोचु | शोक | grief |
| परिहरहू | छोड़ दो | give up |
| सिर | सिर पर | upon the head |
| धरि | रखकर; आदर से स्वीकार कर | placing; respectfully accepting |
| राज | राजा की | the king’s |
| रजायसु | राजाज्ञा | royal command |
| करहू | पालन करो | carry out |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.174
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 487
- सहायक विषय
- वसिष्ठ-भरत-संवाद, श्रीरामजीको लानेके लिये चित्रकूट जानेकी तैयारी
- मुद्रित पृष्ठ
- 487, 488
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