अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सब कहुँ सुखद राम अभिषेकू। मंगल मोद मूल मग एकू।।
मूल पाठ
सब कहुँ सुखद राम अभिषेकू। मंगल मोद मूल मग एकू।।
केहि बिधि अवध चलहिं रघुराऊ। कहहु समुझि सोइ करिअ उपाऊ।।
स्रोत अभिलेख 2.255 · पुस्तक पृ. 556, 557
भावार्थ
मूल पाठ के बादश्रीरामजीका राज्याभिषेक सबके लिये सुखदायक है। मङ्गल और आनन्दका मूल यही एक मार्ग है। [अब] श्रीरघुनाथजी अयोध्या किस प्रकार चलें? विचारकर कहो, वही उपाय किया जाय॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 556 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सब कहुँ सुखद राम अभिषेकू। मंगल मोद मूल मग एकू।।
English explanation
Rama’s coronation brings happiness to all; it alone is the source of auspiciousness and joy and the path to them.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सब | सबको | everyone |
| कहुँ | के लिए | for |
| सुखद | सुख देने वाला | bringing happiness |
| राम | श्रीराम का | of Rama |
| अभिषेकू | राज्याभिषेक | coronation |
| मंगल | शुभता | auspiciousness |
| मोद | आनंद | joy |
| मूल | मूल स्रोत | root source |
| मग | मार्ग | path |
| एकू | एकमात्र | the only one |
2 केहि बिधि अवध चलहिं रघुराऊ। कहहु समुझि सोइ करिअ उपाऊ।।
English explanation
How might Rama return to Ayodhya? Think it over and tell us; let that very course be adopted.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| केहि | किस | what |
| बिधि | रीति से | by means |
| अवध | अयोध्या को | to Ayodhya |
| चलहिं | चलें | might go |
| रघुराऊ | रघुकुल के स्वामी राम | Rama, lord of Raghu’s lineage |
| कहहु | बताइए | tell us |
| समुझि | सोच-समझकर | after careful consideration |
| सोइ | वही | that very |
| करिअ | किया जाए | let be done |
| उपाऊ | उपाय | course of action |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.255
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 556
- सहायक विषय
- श्रीवसिष्ठजीका भाषण
- मुद्रित पृष्ठ
- 556, 557
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