अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सबहि रामु प्रिय जेहि बिधि मोही। प्रभु असीस जनु तनु धरि सोही।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दसभीको श्रीरामचन्द्र वैसे ही प्रिय हैं जैसे वे मुझको हैं। [उनके रूपमें] आपका आशीर्वाद ही मानो शरीर धारण करके शोभित हो रहा है। हे स्वामी! सारे ब्राह्मण, परिवारसहित आपके ही समान उनपर स्नेह करते हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 346 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सबहि रामु प्रिय जेहि बिधि मोही। प्रभु असीस जनु तनु धरि सोही।।
बिप्र सहित परिवार गोसाईं। करहिं छोहु सब रौरिहि नाई।।
स्रोत अभिलेख 2.3 · पुस्तक पृ. 345, 346
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सबहि रामु प्रिय जेहि बिधि मोही। प्रभु असीस जनु तनु धरि सोही।।
English explanation
Rama is as dear to them all as he is to me. It is as though your blessing itself has taken bodily form and shines forth.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सबहि | सबको | to everyone |
| रामु | राम | Rama |
| प्रिय | प्रिय हैं | is dear |
| जेहि | जिस | the same |
| बिधि | प्रकार | way |
| मोही | मुझे | to me |
| प्रभु | हे प्रभु, आपकी | your, revered master |
| असीस | आशीष | blessing |
| जनु | मानो | as though |
| तनु | शरीर | a body |
| धरि | धारण करके | having assumed |
| सोही | शोभित हो रही है | shines forth |
2 बिप्र सहित परिवार गोसाईं। करहिं छोहु सब रौरिहि नाई।।
English explanation
O revered master, all the Brahmins, together with their families, show affection for Rama just as you do.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिप्र | ब्राह्मण | Brahmins |
| सहित | साथ लिए हुए | together with |
| परिवार | अपने परिवार | their families |
| गोसाईं | हे स्वामी | O revered master |
| करहिं | करते हैं | show |
| छोहु | स्नेह | affection |
| सब | सभी | all |
| रौरिहि | आप ही के | your own |
| नाई | समान | in the same manner |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.3
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 346
- सहायक विषय
- मंगलाचरण
- मुद्रित पृष्ठ
- 345, 346
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।