अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जे गुर चरन रेनु सिर धरहीं। ते जनु सकल बिभव बस करहीं।।
मूल पाठ
जे गुर चरन रेनु सिर धरहीं। ते जनु सकल बिभव बस करहीं।।
मोहि सम यहु अनुभयउ न दूजें। सबु पायउँ रज पावनि पूजें।।
स्रोत अभिलेख 2.3 · पुस्तक पृ. 345, 346
भावार्थ
मूल पाठ के बादजो लोग गुरुके चरणोंकी रजको मस्तकपर धारण करते हैं, वे मानो समस्त ऐश्वर्यको अपने वशमें कर लेते हैं। इसका अनुभव मेरे समान दूसरे किसीने नहीं किया। आपकी पवित्र चरण- रजकी पूजा करके मैंने सब कुछ पा लिया॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 346 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 जे गुर चरन रेनु सिर धरहीं। ते जनु सकल बिभव बस करहीं।।
English explanation
Those who place the dust of their guru’s feet upon their heads seemingly bring all prosperity within their reach.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जे | जो लोग | those who |
| गुर | गुरु के | of the guru |
| चरन | चरणों की | of the feet |
| रेनु | धूल | dust |
| सिर | सिर पर | upon their heads |
| धरहीं | धारण करते हैं | place |
| ते | वे | they |
| जनु | मानो | as though |
| सकल | समस्त | all |
| बिभव | ऐश्वर्य और संपदा | prosperity and riches |
| बस | अपने वश में | under their control |
| करहीं | कर लेते हैं | bring |
2 मोहि सम यहु अनुभयउ न दूजें। सबु पायउँ रज पावनि पूजें।।
English explanation
No one else has experienced this as I have; by venerating the sacred dust of my guru’s feet, I have obtained everything.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मोहि | मेरे | me |
| सम | समान | as much as |
| यहु | यह | this |
| अनुभयउ | अनुभव किया | experienced |
| न | नहीं | not |
| दूजें | किसी दूसरे ने | by anyone else |
| सबु | सब कुछ | everything |
| पायउँ | मैंने पाया | I obtained |
| रज | गुरु के चरणों की धूल | dust of the guru’s feet |
| पावनि | पवित्र | sacred |
| पूजें | पूजा करने से | by venerating |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.3
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 346
- सहायक विषय
- मंगलाचरण
- मुद्रित पृष्ठ
- 345, 346
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।