अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सचिवँ उठाइ राउ बैठारे। कहि प्रिय बचन रामु पगु धारे।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्द'श्रीरामचन्द्रजी पधारे हैं, ये प्रिय वचन कहकर मन्त्रीने राजाको उठाकर बैठाया। सीतासहित दोनों पुत्रोंको [वनके लिये तैयार] देखकर राजा बहुत व्याकुल हुए॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 407 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सचिवँ उठाइ राउ बैठारे। कहि प्रिय बचन रामु पगु धारे।।
सिय समेत दोउ तनय निहारी। ब्याकुल भयउ भूमिपति भारी।।
स्रोत अभिलेख 2.76 · पुस्तक पृ. 406, 407
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सचिवँ उठाइ राउ बैठारे। कहि प्रिय बचन रामु पगु धारे।।
English explanation
The minister lifted the king and seated him. Speaking affectionate words, the king took hold of Rama’s feet.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सचिवँ | मंत्री ने | the minister |
| उठाइ | उठाकर | having lifted |
| राउ | राजा दशरथ को | King Dasharatha |
| बैठारे | बैठाया | seated |
| कहि | कहकर | having spoken |
| प्रिय | स्नेहभरे | affectionate |
| बचन | वचन | words |
| रामु | राम के | of Rama |
| पगु | चरण | feet |
| धारे | पकड़ लिए | took hold of |
2 सिय समेत दोउ तनय निहारी। ब्याकुल भयउ भूमिपति भारी।।
English explanation
Seeing both sons together with Sita, the king became deeply distraught.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सिय | सीता | Sita |
| समेत | सहित | together with |
| दोउ | दोनों | both |
| तनय | पुत्र, राम और लक्ष्मण | sons, Rama and Lakshmana |
| निहारी | देखकर | having seen |
| ब्याकुल | व्याकुल | distraught |
| भयउ | हो गए | became |
| भूमिपति | राजा दशरथ | King Dasharatha |
| भारी | अत्यंत | deeply; exceedingly |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.76
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 407
- सहायक विषय
- श्रीरामजी, लक्ष्मणजी, सीताजीका महाराज दशरथके पास विदा माँगने जाना, दशरथजीका सीताजीको समझाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 406, 407
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