अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सकल कुसल कहि भरत सुनाई। पूँछी निज कुल कुसल भलाई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दभरतजीने सब कुशल कह सुनायी। फिर अपने कुलकी कुशल-क्षेम पूछी। [भरतजीने कहा—] कहो, पिताजी कहाँ हैं? मेरी सब माताएँ कहाँ हैं? सीताजी और मेरे प्यारे भाई राम- लक्ष्मण कहाँ हैं?॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 476 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सकल कुसल कहि भरत सुनाई। पूँछी निज कुल कुसल भलाई।।
कहु कहँ तात कहाँ सब माता। कहँ सिय राम लखन प्रिय भ्राता।।
स्रोत अभिलेख 2.159 · पुस्तक पृ. 475, 476
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सकल कुसल कहि भरत सुनाई। पूँछी निज कुल कुसल भलाई।।
English explanation
Bharata reported that everyone there was well, then asked about the welfare of his own family.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सकल | सबकी | everyone’s |
| कुसल | कुशल-क्षेम | well-being |
| कहि | कहकर | stating |
| भरत | भरत ने | Bharata |
| सुनाई | बताई | reported |
| पूँछी | पूछी | asked about |
| निज | अपने | his own |
| कुल | कुल की | family’s |
| कुसल | कुशल | welfare |
| भलाई | भलाई | well-being |
2 कहु कहँ तात कहाँ सब माता। कहँ सिय राम लखन प्रिय भ्राता।।
English explanation
Tell me, where is Father, and where are all the mothers? Where are Sita, Rama, and my dear brother Lakshmana?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहु | बताओ | tell me |
| कहँ | कहाँ हैं | where is |
| तात | पिता दशरथ | Father Dasharatha |
| कहाँ | कहाँ हैं | where are |
| सब | सब | all |
| माता | माताएँ | the mothers |
| कहँ | कहाँ हैं | where are |
| सिय | सीता | Sita, Rama’s wife |
| राम | राम | Rama, Bharata’s brother |
| लखन | लक्ष्मण | Lakshmana, Bharata’s brother |
| प्रिय | प्रिय | dear |
| भ्राता | भाई | brother |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.159
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 476
- सहायक विषय
- श्रीभरत-शत्रुघ्नका आगमन और शोक
- मुद्रित पृष्ठ
- 475, 476
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।