अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सकल कथा तिन्ह सबहि सुनाई। बनहि चले पितु आयसु पाई।।
मूल पाठ
सकल कथा तिन्ह सबहि सुनाई। बनहि चले पितु आयसु पाई।।
सुनि सबिषाद सकल पछिताहीं। रानी रायँ कीन्ह भल नाहीं।।
स्रोत अभिलेख 2.11 · पुस्तक पृ. 434, 435
भावार्थ
मूल पाठ के बादउन्होंने सब कथा सब लोगोंको सुनायी कि पिताकी आज्ञा पाकर ये वनको चले हैं। यह सुनकर सब लोग दु:खित हो पछता रहे हैं कि रानी और राजाने अच्छा नहीं किया॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 435 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सकल कथा तिन्ह सबहि सुनाई। बनहि चले पितु आयसु पाई।।
English explanation
They told everyone the whole story: Rama had set out for the forest upon receiving his father's command.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सकल | पूरी | the whole |
| कथा | कथा | story |
| तिन्ह | उन्होंने | they |
| सबहि | सबको | to everyone |
| सुनाई | सुनाई | told |
| बनहि | वन को | to the forest |
| चले | चले हैं | have set out |
| पितु | पिता की | his father's |
| आयसु | आज्ञा | command |
| पाई | पाकर | having received |
2 सुनि सबिषाद सकल पछिताहीं। रानी रायँ कीन्ह भल नाहीं।।
English explanation
Hearing this, everyone grieves and laments, saying that the queen and king have not acted well.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनि | सुनकर | having heard |
| सबिषाद | दुःख से भरे | filled with sorrow |
| सकल | सब | everyone |
| पछिताहीं | पछताते हैं | lament |
| रानी | रानी ने | the queen |
| रायँ | राजा ने | the king |
| कीन्ह | किया | did |
| भल | अच्छा | well |
| नाहीं | नहीं | not |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.11
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 435
- सहायक विषय
- प्रयाग पहुँचना, श्रीराम-भरद्वाज-संवाद, यमुनातीरनिवासियोंका प्रेम
- मुद्रित पृष्ठ
- 434, 435
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।