अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सकउँ तोर अरि अमरउ मारी। काह कीट बपुरे नर नारी।।
मूल पाठ
सकउँ तोर अरि अमरउ मारी। काह कीट बपुरे नर नारी।।
जानसि मोर सुभाउ बरोरू। मनु तव आनन चंद चकोरू।।
स्रोत अभिलेख 2.26 · पुस्तक पृ. 365, 365
भावार्थ
मूल पाठ के बादतेरा शत्रु अमर (देवता) भी हो, तो मैं उसे भी मार सकता हँू। बेचारे कीड़े-मकोड़े-सरीखे नर-नारी तो चीज ही क्या हैं। हे सुन्दरि! तू तो मेरा स्वभाव जानती ही है कि मेरा मन सदा तेरे मुखरूपी चन्द्रमाका चकोर है॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 365 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सकउँ तोर अरि अमरउ मारी। काह कीट बपुरे नर नारी।।
English explanation
I can slay your enemy even if he is a god; what then are mere men and women, helpless as insects?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सकउँ | मैं कर सकता हूँ | I can |
| तोर | तुम्हारा | your |
| अरि | शत्रु | enemy |
| अमरउ | देवता भी | even a god |
| मारी | मारना | slay |
| काह | क्या बिसात है | what account are |
| कीट | कीड़ों जैसे तुच्छ | insignificant as insects |
| बपुरे | बेचारे; असहाय | poor; helpless |
| नर | पुरुष | men |
| नारी | स्त्रियाँ | women |
2 जानसि मोर सुभाउ बरोरू। मनु तव आनन चंद चकोरू।।
English explanation
You know my forceful nature. My mind is a chakora bird devoted to the moon of your face.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जानसि | तुम जानती हो | you know |
| मोर | मेरा | my |
| सुभाउ | स्वभाव | nature; temperament |
| बरोरू | प्रबल; दृढ़ | forceful; resolute |
| मनु | मेरा मन | my mind |
| तव | तुम्हारा | your |
| आनन | मुख | face |
| चंद | चंद्रमा | moon |
| चकोरू | चकोर पक्षी | chakora bird |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.26
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 365
- सहायक विषय
- दशरथ-कैकेयी-संवाद और दशरथ-शोक, सुमन्त्रका महलमें जाना और वहाँसे लौटकर श्रीरामजीको महलमें भेजना
- मुद्रित पृष्ठ
- 365, 365
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।