अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सई उतरि गोमतीं नहाए। चौथें दिवस अवधपुर आए।
मूल पाठ
सई उतरि गोमतीं नहाए। चौथें दिवस अवधपुर आए।
जनकु रहे पुर बासर चारी। राज काज सब साज सँभारी।।
स्रोत अभिलेख 2.322 · पुस्तक पृ. 613, 613
भावार्थ
मूल पाठ के बादफिर सई उतरकर गोमतीजीमें स्नान किया और चौथे दिन सब अयोध्याजी जा पहुँचे। जनकजी चार दिन अयोध्याजीमें रहे और राजकाज एवं सब साज-सामानको सँभालकर,॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 613 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सई उतरि गोमतीं नहाए। चौथें दिवस अवधपुर आए।
English explanation
They crossed the Sai River, bathed in the Gomati, and reached Ayodhya on the fourth day.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सई | सई नदी | the Sai River |
| उतरि | पार करके | having crossed |
| गोमतीं | गोमती नदी में | in the Gomati River |
| नहाए | स्नान किया | bathed |
| चौथें | चौथे | fourth |
| दिवस | दिन | day |
| अवधपुर | अयोध्या नगर | the city of Ayodhya |
| आए | आ पहुँचे | arrived |
2 जनकु रहे पुर बासर चारी। राज काज सब साज सँभारी।।
English explanation
King Janaka stayed in the city for four days and attended to all arrangements for the affairs of state.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जनकु | राजा जनक; सीता के पिता | King Janaka, Sita’s father |
| रहे | ठहरे | stayed |
| पुर | नगर में; अयोध्या में | in the city, Ayodhya |
| बासर | दिन | days |
| चारी | चार | four |
| राज | राज्य का | of the state |
| काज | कामकाज | affairs |
| सब | समस्त | all |
| साज | व्यवस्था | arrangements |
| सँभारी | सँभालकर; व्यवस्थित करके | attending to; putting in order |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.322
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 613
- सहायक विषय
- भरतजीका अयोध्या लौटना, भरतजीद्वारा पादुकाकी स्थापना, नन्दिग्राममें निवास और श्रीभरतजीके चरित्र-श्रवणकी महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 613, 613
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।