अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
लागति अवध भयावनि भारी। मानहुँ कालराति अँधिआरी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दअयोध्यापुरी बड़ी डरावनी लग रही है। मानो अन्धकारमयी कालरात्रि ही हो। नगरके नर- नारी भयानक जन्तुओंके समान एक-दूसरेको देखकर डर रहे हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 412 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
लागति अवध भयावनि भारी। मानहुँ कालराति अँधिआरी।।
घोर जंतु सम पुर नर नारी। डरपहिं एकहि एक निहारी।।
स्रोत अभिलेख 2.83 · पुस्तक पृ. 412, 412
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 लागति अवध भयावनि भारी। मानहुँ कालराति अँधिआरी।।
English explanation
Ayodhya seems terribly frightening, like a dark night of doom.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| लागति | लगती है | seems |
| अवध | अयोध्या | Ayodhya |
| भयावनि | भयावनी | frightening |
| भारी | अत्यंत | exceedingly |
| मानहुँ | मानो | as though |
| कालराति | विनाशकारी रात्रि | a night of doom |
| अँधिआरी | अँधेरी | dark |
2 घोर जंतु सम पुर नर नारी। डरपहिं एकहि एक निहारी।।
English explanation
The city’s men and women seem like fearsome creatures and are frightened at the sight of one another.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| घोर | भयानक | fearsome |
| जंतु | जीव | creatures |
| सम | के समान | like |
| पुर | नगर के | of the city |
| नर | पुरुष | men |
| नारी | स्त्रियाँ | women |
| डरपहिं | डरते हैं | are frightened |
| एकहि | एक को; एक-दूसरे को | one another |
| एक | दूसरा; प्रत्येक व्यक्ति | the other; each person |
| निहारी | देखकर | on seeing |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.83
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 412
- सहायक विषय
- श्रीराम-सीता-लक्ष्मणका वनगमन और नगर-निवासियोंको सोये छोड़कर आगे बढ़ना
- मुद्रित पृष्ठ
- 412, 412
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।