अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
चलत रामु लखि अवध अनाथा। बिकल लोग सब लागे साथा।।
मूल पाठ
चलत रामु लखि अवध अनाथा। बिकल लोग सब लागे साथा।।
कृपासिंधु बहुबिधि समुझावहिं। फिरहिं प्रेम बस पुनि फिरि आवहिं।।
स्रोत अभिलेख 2.83 · पुस्तक पृ. 412, 412
भावार्थ
मूल पाठ के बादश्रीरामचन्द्रजीको जाते हुए और अयोध्याको अनाथ [होते हुए] देखकर सब लोग व्याकुल होकर उनके साथ हो लिये। कृपाके समुद्र श्रीरामजी उन्हें बहुत तरहसे समझाते हैं, तो वे [अयोध्याकी ओर] लौट जाते हैं; परन्तु प्रेमवश फिर लौट आते हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 412 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 चलत रामु लखि अवध अनाथा। बिकल लोग सब लागे साथा।।
English explanation
Seeing Rama depart, Ayodhya felt bereft of its protector; all its distraught people began following him.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चलत | जाते हुए | departing |
| रामु | राम को | Rama |
| लखि | देखकर | seeing |
| अवध | अयोध्या | Ayodhya |
| अनाथा | अनाथ; आश्रयहीन | bereft of its protector |
| बिकल | व्याकुल | distraught |
| लोग | लोग | people |
| सब | सभी | all |
| लागे | लग गए; चलने लगे | began to follow |
| साथा | साथ | along with him |
2 कृपासिंधु बहुबिधि समुझावहिं। फिरहिं प्रेम बस पुनि फिरि आवहिं।।
English explanation
Rama, the ocean of compassion, reasons with them in many ways. They turn back, but, overcome by love, return to him again.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कृपासिंधु | करुणा के सागर राम | Rama, the ocean of compassion |
| बहुबिधि | अनेक प्रकार से | in many ways |
| समुझावहिं | समझाते हैं | reason with them |
| फिरहिं | वे लौटते हैं | they turn back |
| प्रेम | प्रेम के | by love |
| बस | वश में | under the sway |
| पुनि | फिर | again |
| फिरि | लौटकर | turning back |
| आवहिं | आ जाते हैं | come to him |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.83
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 412
- सहायक विषय
- श्रीराम-सीता-लक्ष्मणका वनगमन और नगर-निवासियोंको सोये छोड़कर आगे बढ़ना
- मुद्रित पृष्ठ
- 412, 412
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।