अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
लगे कहन उपदेस अनेका। सहित धरम नय बिरति बिबेका।।
मूल पाठ
लगे कहन उपदेस अनेका। सहित धरम नय बिरति बिबेका।।
कौसिक कहि कहि कथा पुरानीं। समुझाई सब सभा सुबानीं।।
स्रोत अभिलेख 2.278 · पुस्तक पृ. 575, 576
भावार्थ
मूल पाठ के बादवे सब धर्म, नीति, वैराग्य तथा विवेकयुक्त अनेकों उपदेश देने लगे। विश्वामित्रजीने पुरानी कथाएँ (इतिहास) कह-कहकर सारी सभाको सुन्दर वाणीसे समझाया॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 576 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 लगे कहन उपदेस अनेका। सहित धरम नय बिरति बिबेका।।
English explanation
They began giving many teachings imbued with righteousness, sound conduct, dispassion, and discernment.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| लगे | लगे; आरंभ किया | began |
| कहन | कहने; देने | to speak; to give |
| उपदेस | उपदेश | teachings |
| अनेका | अनेक | many |
| सहित | से युक्त | imbued with |
| धरम | धर्म | righteousness |
| नय | नीति; उचित आचरण | sound conduct |
| बिरति | वैराग्य | dispassion |
| बिबेका | विवेक | discernment |
2 कौसिक कहि कहि कथा पुरानीं। समुझाई सब सभा सुबानीं।।
English explanation
By recounting ancient stories, Vishvamitra instructed and consoled the entire assembly with gracious words.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कौसिक | कुशिकवंशी ऋषि विश्वामित्र | Vishvamitra, sage of Kushika’s lineage |
| कहि | कहकर | recounting |
| कहि | बार-बार कहकर | repeatedly recounting |
| कथा | कथाएँ | stories |
| पुरानीं | पुरानी; प्राचीन | ancient |
| समुझाई | समझाया; ढाढ़स दिया | instructed and consoled |
| सब | सारी | the whole |
| सभा | सभा को | assembly |
| सुबानीं | सुंदर वाणी से | with gracious words |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.278
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 576
- सहायक विषय
- जनकजीका पहुँचना, कोल-किरातादिकी भेंट, सबका परस्पर मिलाप
- मुद्रित पृष्ठ
- 575, 576
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