अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तब रघुनाथ कोसिकहि कहेऊ। नाथ कालि जल बिनु सबु रहेऊ।।
मूल पाठ
तब रघुनाथ कोसिकहि कहेऊ। नाथ कालि जल बिनु सबु रहेऊ।।
मुनि कह उचित कहत रघुराई। गयउ बीति दिन पहर अढ़ाई।।
स्रोत अभिलेख 2.278 · पुस्तक पृ. 575, 576
भावार्थ
मूल पाठ के बादतब श्रीरघुनाथजीने विश्वामित्रजीसे कहा कि हे नाथ! कल सब लोग बिना जल पिये ही रह गये थे [अब कुछ आहार करना चाहिये]। विश्वामित्रजीने कहा कि श्रीरघुनाथजी उचित ही कह रहे हैं। ढाई पहर दिन [आज भी] बीत गया॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 576 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 तब रघुनाथ कोसिकहि कहेऊ। नाथ कालि जल बिनु सबु रहेऊ।।
English explanation
Then Rama said to Vishvamitra, “Master, yesterday everyone went without water.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तब | तब | then |
| रघुनाथ | रघुवंश के स्वामी राम ने | Rama, lord of Raghu’s lineage |
| कोसिकहि | विश्वामित्र से | to Vishvamitra |
| कहेऊ | कहा | said |
| नाथ | हे नाथ; हे गुरु | Master |
| कालि | कल; बीते दिन | yesterday |
| जल | पानी | water |
| बिनु | बिना | without |
| सबु | सब लोग | everyone |
| रहेऊ | रहे | remained; went |
2 मुनि कह उचित कहत रघुराई। गयउ बीति दिन पहर अढ़ाई।।
English explanation
The sage said, “Rama speaks rightly; two and a half watches of the day have passed.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मुनि | मुनि विश्वामित्र | the sage Vishvamitra |
| कह | बोले | said |
| उचित | ठीक; उचित बात | rightly |
| कहत | कह रहे हैं | is saying |
| रघुराई | रघुवंश के राजा राम | Rama, king of Raghu’s lineage |
| गयउ | गया है | has gone |
| बीति | बीतकर | by; elapsed |
| दिन | दिन के | of the day |
| पहर | पहर; लगभग तीन घंटे की अवधि | watches, roughly three-hour periods |
| अढ़ाई | ढाई | two and a half |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.278
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 576
- सहायक विषय
- जनकजीका पहुँचना, कोल-किरातादिकी भेंट, सबका परस्पर मिलाप
- मुद्रित पृष्ठ
- 575, 576
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।