अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
लखि बिधि बाम कालु कठिनाई। धीरजु धरहु मातु बलि जाई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दविधाताको प्रतिकूल और कालको कठोर देखकर धीरज धरो, माता तुम्हारी बलिहारी जाती है। गुरुकी आज्ञाको सिर चढ़ाकर उसीके अनुसार कार्य करो और प्रजाका पालन कर कुटुम्बियोंका दु:ख हरो॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 489 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
लखि बिधि बाम कालु कठिनाई। धीरजु धरहु मातु बलि जाई।।
सिर धरि गुर आयसु अनुसरहू। प्रजा पालि परिजन दुखु हरहू।।
स्रोत अभिलेख 2.176 · पुस्तक पृ. 489, 489
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 लखि बिधि बाम कालु कठिनाई। धीरजु धरहु मातु बलि जाई।।
English explanation
Seeing that fate is adverse and the times are difficult, remain steadfast; your mother offers herself in loving devotion to you.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| लखि | देखकर | seeing |
| बिधि | विधाता को | fate |
| बाम | प्रतिकूल | adverse |
| कालु | समय को | the times |
| कठिनाई | कठिन | difficult |
| धीरजु | धैर्य | steadfastness |
| धरहु | धारण करो | maintain |
| मातु | तुम्हारी माता | your mother |
| बलि | बलिहारी | in loving self-offering |
| जाई | जाती है | offers herself |
2 सिर धरि गुर आयसु अनुसरहू। प्रजा पालि परिजन दुखु हरहू।।
English explanation
Reverently accept the guru’s command and follow it. Care for the subjects and relieve the suffering of your family.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सिर | सिर पर | upon your head |
| धरि | रखकर | placing |
| गुर | गुरु वसिष्ठ की | of the guru, Vasishtha |
| आयसु | आज्ञा | command |
| अनुसरहू | पालन करो | follow |
| प्रजा | प्रजा का | the subjects |
| पालि | पालन करके | caring for |
| परिजन | परिवारजनों का | of your family members |
| दुखु | दुःख | suffering |
| हरहू | दूर करो | relieve |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.176
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 489
- सहायक विषय
- वसिष्ठ-भरत-संवाद, श्रीरामजीको लानेके लिये चित्रकूट जानेकी तैयारी
- मुद्रित पृष्ठ
- 489, 489
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।