अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
राम सप्रेम कहेउ मुनि पाहीं। नाथ कहिअ हम केहि मग जाहीं।।
मूल पाठ
राम सप्रेम कहेउ मुनि पाहीं। नाथ कहिअ हम केहि मग जाहीं।।
मुनि मन बिहसि राम सन कहहीं। सुगम सकल मग तुम्ह कहुँ अहहीं।।
स्रोत अभिलेख 2.109 · पुस्तक पृ. 433, 434
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[चलते समय] बड़े प्रेमसे श्रीरामजीने मुनिसे कहा— हे नाथ! बताइये हम किस मार्गसे जायँ। मुनि मनमें हँसकर श्रीरामजीसे कहते हैं कि आपके लिये सभी मार्ग सुगम हैं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 433 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 राम सप्रेम कहेउ मुनि पाहीं। नाथ कहिअ हम केहि मग जाहीं।।
English explanation
Rama lovingly said to the sage, “Master, please tell us which path we should take.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | श्रीराम | Rama |
| सप्रेम | प्रेमपूर्वक | with affection |
| कहेउ | कहा | said |
| मुनि | मुनि भरद्वाज | the sage Bharadvaja |
| पाहीं | के पास; से | to |
| नाथ | हे स्वामी | O master |
| कहिअ | कृपया बताइए | please tell |
| हम | हम | we |
| केहि | किस | which |
| मग | मार्ग से | by the path |
| जाहीं | जाएँ | should go |
2 मुनि मन बिहसि राम सन कहहीं। सुगम सकल मग तुम्ह कहुँ अहहीं।।
English explanation
Smiling inwardly, the sage says to Rama, “All paths are easy for you.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मुनि | मुनि भरद्वाज | the sage Bharadvaja |
| मन | मन में | inwardly |
| बिहसि | मुस्कराकर | having smiled |
| राम | राम से | Rama |
| सन | से | to |
| कहहीं | कहते हैं | says |
| सुगम | आसान | easy |
| सकल | सभी | all |
| मग | मार्ग | paths |
| तुम्ह | आप | you |
| कहुँ | के लिए | for |
| अहहीं | हैं | are |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.109
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 433
- सहायक विषय
- प्रयाग पहुँचना, श्रीराम-भरद्वाज-संवाद, यमुनातीरनिवासियोंका प्रेम
- मुद्रित पृष्ठ
- 433, 434
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