अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
राम प्रानहु तें प्रान तुम्हारे। तुम्ह रघुपतिहि प्रानहु तें प्यारे।।
मूल पाठ
राम प्रानहु तें प्रान तुम्हारे। तुम्ह रघुपतिहि प्रानहु तें प्यारे।।
बिधु बिष चवै स्त्रवै हिमु आगी। होइ बारिचर बारि बिरागी।।
स्रोत अभिलेख 2.169 · पुस्तक पृ. 483, 484
भावार्थ
मूल पाठ के बादश्रीराम तुम्हारे प्राणोंसे भी बढ़कर प्राण (प्रिय) हैं और तुम भी श्रीरघुनाथको प्राणोंसे भी अधिक प्यारे हो। चन्द्रमा चाहे विष चुआने लगे और पाला आग बरसाने लगे; जलचर जीव जलसे विरक्त हो जाय,॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 483 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 राम प्रानहु तें प्रान तुम्हारे। तुम्ह रघुपतिहि प्रानहु तें प्यारे।।
English explanation
AI draft: Rama is dearer to you than your own life, and you are dearer to Rama than his own life.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | राम | Rama, the prince of Ayodhya |
| प्रानहु | प्राणों से भी | even than life |
| तें | से | than |
| प्रान | प्राणप्रिय | dearest to one's life |
| तुम्हारे | तुम्हारे लिए | to you |
| तुम्ह | तुम | you |
| रघुपतिहि | रघुनाथ को | to Rama, lord of the Raghu dynasty |
| प्रानहु | प्राणों से भी | even than life |
| तें | से | than |
| प्यारे | प्रिय | dear |
2 बिधु बिष चवै स्त्रवै हिमु आगी। होइ बारिचर बारि बिरागी।।
English explanation
Even if the moon were to drip poison, snow to pour out fire, and an aquatic creature to become averse to water—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिधु | चंद्रमा | the moon |
| बिष | विष | poison |
| चवै | टपकाए | were to drip |
| स्त्रवै | बहाए | were to pour out |
| हिमु | हिम; बर्फ | snow or ice |
| आगी | आग | fire |
| होइ | हो जाए | were to become |
| बारिचर | जल में रहने वाला जीव | an aquatic creature |
| बारि | जल से | to water |
| बिरागी | विरक्त; विमुख | averse; disinclined |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.169
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 483
- सहायक विषय
- भरत-कौसल्या-संवाद और दशरथजीकी अन्त्येष्टि क्रिया
- मुद्रित पृष्ठ
- 483, 484
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।