अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
राम प्रनाम कीन्ह सब काहू। मुदित भए लहि लोयन लाहू।।
मूल पाठ
राम प्रनाम कीन्ह सब काहू। मुदित भए लहि लोयन लाहू।।
देहिं असीस परम सुखु पाई। फिरे सराहत सुंदरताई।।
स्रोत अभिलेख 2.108 · पुस्तक पृ. 433, 433
भावार्थ
मूल पाठ के बादश्रीरामचन्द्रजीने सब किसीको प्रणाम किया। नेत्रोंका लाभ पाकर सब आनन्दित हो गये और परम सुख पाकर आशीर्वाद देने लगे। श्रीरामजीके सौन्दर्यकी सराहना करते हुए वे लौटे॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 433 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 राम प्रनाम कीन्ह सब काहू। मुदित भए लहि लोयन लाहू।।
English explanation
Rama bowed to everyone. All rejoiced, gaining the reward of their eyes in seeing him.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | राम ने | Rama |
| प्रनाम | प्रणाम | reverent salutation |
| कीन्ह | किया | made |
| सब | सभी | every |
| काहू | व्यक्ति को | person; to each one |
| मुदित | प्रसन्न | joyful |
| भए | हो गए | became |
| लहि | पाकर | having obtained |
| लोयन | आँखों का | of the eyes |
| लाहू | लाभ, दर्शन का फल | reward, fulfillment through seeing |
2 देहिं असीस परम सुखु पाई। फिरे सराहत सुंदरताई।।
English explanation
Filled with supreme happiness, they offer blessings and return, praising the beauty they have seen.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देहिं | देते हैं | give |
| असीस | आशीर्वाद | blessings |
| परम | अत्यंत, सर्वोच्च | supreme |
| सुखु | सुख | happiness |
| पाई | पाकर | having attained |
| फिरे | लौट गए | returned |
| सराहत | प्रशंसा करते हुए | praising |
| सुंदरताई | सुंदरता की | the beauty |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.108
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 433
- सहायक विषय
- प्रयाग पहुँचना, श्रीराम-भरद्वाज-संवाद, यमुनातीरनिवासियोंका प्रेम
- मुद्रित पृष्ठ
- 433, 433
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