अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
राम करहु सब संजम आजू। जौं बिधि कुसल निबाहै काजू।।
मूल पाठ
राम करहु सब संजम आजू। जौं बिधि कुसल निबाहै काजू।।
गुरु सिख देइ राय पहिं गयउ। राम हृदयँ अस बिसमउ भयऊ।।
स्रोत अभिलेख 2.1 · पुस्तक पृ. 351, 352
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[इसलिये] हे रामजी! आज आप [उपवास, हवन आदि विधिपूर्वक] सब संयम कीजिये, जिससे विधाता कुशलपूर्वक इस कामको निबाह दें (सफल कर दें)। गुरुजी शिक्षा देकर राजा दशरथजीके पास चले गये। श्रीरामचन्द्रजीके हृदयमें [यह सुनकर] इस बातका खेद हुआ कि—॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 351 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 राम करहु सब संजम आजू। जौं बिधि कुसल निबाहै काजू।।
English explanation
Rama, observe all the required disciplines today, if Providence brings this undertaking to a successful completion.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | हे राम | O Rama |
| करहु | करो; पालन करो | observe |
| सब | सभी | all |
| संजम | संयम और अनुष्ठानिक नियम | disciplines and ritual restraints |
| आजू | आज | today |
| जौं | यदि | if |
| बिधि | विधाता | Providence; the Creator |
| कुसल | कुशलतापूर्वक | successfully |
| निबाहै | पूरा करे | brings to completion |
| काजू | कार्य | the undertaking |
2 गुरु सिख देइ राय पहिं गयउ। राम हृदयँ अस बिसमउ भयऊ।।
English explanation
After giving these instructions, the guru went to the king. This sense of wonder arose in Rama’s heart.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गुरु | गुरु वसिष्ठ | the guru Vashishtha |
| सिख | शिक्षा; निर्देश | instructions |
| देइ | देकर | having given |
| राय | राजा दशरथ के | King Dasharatha |
| पहिं | पास | to; in the presence of |
| गयउ | गए | went |
| राम | राम के | Rama’s |
| हृदयँ | हृदय में | in the heart |
| अस | ऐसा | such |
| बिसमउ | विस्मय; आश्चर्य | wonder; surprise |
| भयऊ | हुआ | arose |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.1
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 351
- सहायक विषय
- रामराज्याभिषेककी तैयारी, देवताओंकी व्याकुलता तथा सरस्वतीजीसे उनकी प्रार्थना
- मुद्रित पृष्ठ
- 351, 352
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।