अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
रामु साधु तुम्ह साधु सयाने। राममातु भलि सब पहिचाने।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दराम साधु हैं, आप सयाने साधु हैं और रामकी माता भी भली हैं; मैंने सबको पहचान लिया है। कौसल्याने मेरा जैसा भला चाहा है, मैं भी साका करके (याद रखनेयोग्य) उन्हें वैसा ही फल दूँगी॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 371 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
रामु साधु तुम्ह साधु सयाने। राममातु भलि सब पहिचाने।।
जस कौसिलाँ मोर भल ताका। तस फलु उन्हहि देउँ करि साका।।
स्रोत अभिलेख 2.33 · पुस्तक पृ. 371, 371
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 रामु साधु तुम्ह साधु सयाने। राममातु भलि सब पहिचाने।।
English explanation
Rama is so virtuous, you too are virtuous and wise, and Rama’s mother is so good—I have seen through you all!
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रामु | राम | Rama |
| साधु | सज्जन | virtuous |
| तुम्ह | आप; दशरथ | you, Dasharatha |
| साधु | सज्जन | virtuous |
| सयाने | समझदार | wise |
| राममातु | राम की माता कौसल्या | Kausalya, Rama’s mother |
| भलि | भली | good |
| सब | सबको | all of you |
| पहिचाने | मैंने पहचान लिया है | I have seen through |
2 जस कौसिलाँ मोर भल ताका। तस फलु उन्हहि देउँ करि साका।।
English explanation
I shall repay Kausalya in kind for the ‘good’ she has intended for me, by taking decisive revenge.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जस | जैसा; जिस प्रकार | just as |
| कौसिलाँ | कौसल्या ने | Kausalya, Rama’s mother |
| मोर | मेरा | my |
| भल | भला; हित | good; welfare |
| ताका | चाहा; साधना चाहा | sought; intended |
| तस | वैसा ही | in the same manner |
| फलु | फल; प्रतिफल | recompense |
| उन्हहि | उन्हीं को | to her herself |
| देउँ | मैं दूँगी | I shall give |
| करि | करके | by carrying out |
| साका | निर्णायक प्रतिशोध | decisive revenge |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.33
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 371
- सहायक विषय
- दशरथ-कैकेयी-संवाद और दशरथ-शोक, सुमन्त्रका महलमें जाना और वहाँसे लौटकर श्रीरामजीको महलमें भेजना
- मुद्रित पृष्ठ
- 371, 371
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।