अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
रामचंदु पति सो बैदेही। सोवत महि बिधि बाम न केही।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दऔर पति श्रीरामचन्द्रजी हैं, वही जानकीजी आज जमीनपर सो रही हैं। विधाता किसको प्रतिकूल नहीं होता! सीताजी और श्रीरामचन्द्रजी क्या वनके योग्य हैं? लोग सच कहते हैं कि कर्म (भाग्य)ही प्रधान है॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 419 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
रामचंदु पति सो बैदेही। सोवत महि बिधि बाम न केही।।
सिय रघुबीर कि कानन जोगू। करम प्रधान सत्य कह लोगू।।
स्रोत अभिलेख 2.91 · पुस्तक पृ. 418, 419
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 रामचंदु पति सो बैदेही। सोवत महि बिधि बाम न केही।।
English explanation
That very Sita, whose husband is Ramachandra, is sleeping on the ground. To whom does fate not turn adverse?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रामचंदु | रामचंद्र | Ramachandra, Rama |
| पति | पति हैं | is the husband |
| सो | वही | that very |
| बैदेही | विदेह की राजकुमारी सीता | Sita, princess of Videha |
| सोवत | सो रही हैं | is sleeping |
| महि | धरती पर | on the ground |
| बिधि | विधाता, भाग्य | fate; the ordainer |
| बाम | प्रतिकूल | adverse |
| न | नहीं | not |
| केही | किसके लिए | to whom |
2 सिय रघुबीर कि कानन जोगू। करम प्रधान सत्य कह लोगू।।
English explanation
Are Sita and Rama suited to life in the forest? People speak truly when they say that karma is paramount.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सिय | सीता | Sita |
| रघुबीर | रघुवंश के वीर राम | Rama, hero of the Raghu line |
| कि | क्या | are; is it so that |
| कानन | वन के लिए | for the forest |
| जोगू | योग्य, उपयुक्त | suited; fit |
| करम | कर्म, कर्मफल | karma; the consequences of deeds |
| प्रधान | प्रधान, प्रमुख | paramount |
| सत्य | सच | truly |
| कह | कहते हैं | say |
| लोगू | लोग | people |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.91
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 419
- सहायक विषय
- लक्ष्मण-निषाद-संवाद, श्रीराम-सीतासे सुमन्त्रका संवाद, सुमन्त्रका लौटना
- मुद्रित पृष्ठ
- 418, 419
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।