अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
रानि राय सन अवसरु पाई। अपनी भाँति कहब समुझाई।।
मूल पाठ
रानि राय सन अवसरु पाई। अपनी भाँति कहब समुझाई।।
रखिअहिं लखनु भरतु गबनहिं बन। जौं यह मत मानै महीप मन।।
स्रोत अभिलेख 2.284 · पुस्तक पृ. 580, 581
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे रानी! मौका पाकर आप राजाको अपनी ओरसे जहाँतक हो सके समझाकर कहियेगा कि लक्ष्मणको घर रख लिया जाय और भरत वनको जायँ। यदि यह राय राजाके मनमें [ठीक] जँच जाय,॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 580 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 रानि राय सन अवसरु पाई। अपनी भाँति कहब समुझाई।।
English explanation
AI draft: O queen, when you find an opportunity, explain the matter to the king in your own way.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रानि | हे रानी, सुनयना | O Queen Sunayana |
| राय | राजा जनक | King Janaka |
| सन | से | to |
| अवसरु | अवसर | an opportunity |
| पाई | पाकर | having found |
| अपनी | अपनी | your own |
| भाँति | रीति से | way |
| कहब | कहिए | please tell |
| समुझाई | समझाकर | explaining clearly |
2 रखिअहिं लखनु भरतु गबनहिं बन। जौं यह मत मानै महीप मन।।
English explanation
If the king approves this proposal, let Lakshmana be kept back and Bharata go to the forest.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रखिअहिं | रोक लिए जाएँ | be kept back |
| लखनु | लक्ष्मण | Lakshmana, Rama’s brother |
| भरतु | भरत | Bharata, Rama’s brother |
| गबनहिं | जाएँ | go |
| बन | वन में | to the forest |
| जौं | यदि | if |
| यह | यह | this |
| मत | सुझाव | proposal |
| मानै | स्वीकार करे | accepts |
| महीप | राजा का | the king’s |
| मन | मन | mind |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.284
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 580
- सहायक विषय
- कौसल्या-सुनयना-संवाद, श्रीसीताजीका शील
- मुद्रित पृष्ठ
- 580, 581
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।