अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
राजु देन कहुँ सुभ दिन साधा। कहेउ जान बन केहिं अपराधा।।
मूल पाठ
राजु देन कहुँ सुभ दिन साधा। कहेउ जान बन केहिं अपराधा।।
तात सुनावहु मोहि निदानू। को दिनकर कुल भयउ कृसानू।।
स्रोत अभिलेख 2.54 · पुस्तक पृ. 388, 389
भावार्थ
मूल पाठ के बादराज्य देनेके लिये उन्होंने ही शुभ दिन सोधवाया था। फिर अब किस अपराधसे वन जानेको कहा? हे तात! मुझे इसका कारण सुनाओ! सूर्यवंश [रूपी वन] को जलानेके लिये अग्नि कौन हो गया?॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 389 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 राजु देन कहुँ सुभ दिन साधा। कहेउ जान बन केहिं अपराधा।।
English explanation
He had fixed an auspicious day to give you the kingdom; for what offense, then, did he tell you to go to the forest?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राजु | राज्य | the kingdom |
| देन | देने | to give |
| कहुँ | के लिए | for |
| सुभ | शुभ | auspicious |
| दिन | दिन | day |
| साधा | निश्चित किया | fixed; selected |
| कहेउ | कहा | said; instructed |
| जान | जाने को | to go |
| बन | वन में | to the forest |
| केहिं | किस | for what |
| अपराधा | अपराध के कारण | offense |
2 तात सुनावहु मोहि निदानू। को दिनकर कुल भयउ कृसानू।।
English explanation
Son, tell me the cause. Who has become a fire that burns the solar dynasty?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तात | बेटा | dear son |
| सुनावहु | बताओ | tell |
| मोहि | मुझे | me |
| निदानू | कारण; मूल वजह | the underlying cause |
| को | कौन | who |
| दिनकर | सूर्य का | of the sun |
| कुल | वंश | dynasty |
| भयउ | हो गया | has become |
| कृसानू | आग; विनाशकारी अग्नि | fire; a destructive flame |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.54
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 389
- सहायक विषय
- श्रीराम-कौसल्या-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 388, 389
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।