अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
राउ सुनाइ दीन्ह बनबासू। सुनि मन भयउ न हरषु हराँसू।।
मूल पाठ
राउ सुनाइ दीन्ह बनबासू। सुनि मन भयउ न हरषु हराँसू।।
सो सुत बिछुरत गए न प्राना। को पापी बड़ मोहि समाना।।
स्रोत अभिलेख 2.149 · पुस्तक पृ. 467, 468
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[और कहते हैं—] मैंने राजा होनेकी बात सुनाकर वनवास दे दिया, यह सुनकर भी जिस (राम)के मनमें हर्ष और विषाद नहीं हुआ, ऐसे पुत्रके बिछुडऩेपर भी मेरे प्राण नहीं गये, तब मेरे समान बड़ा पापी कौन होगा?॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 467 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 राउ सुनाइ दीन्ह बनबासू। सुनि मन भयउ न हरषु हराँसू।।
English explanation
The king announced Rama’s exile; hearing it, Rama felt neither joy nor sorrow.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राउ | राजा ने | the king |
| सुनाइ | सुनाकर; बताकर | announcing |
| दीन्ह | दे दिया | gave |
| बनबासू | वनवास का आदेश | the decree of forest exile |
| सुनि | सुनकर | upon hearing |
| मन | राम के मन में | in Rama’s mind |
| भयउ | हुआ | arose |
| न | न; न तो…न | neither … nor |
| हरषु | आनंद | joy |
| हराँसू | विषाद; उदासी | sorrow; dejection |
2 सो सुत बिछुरत गए न प्राना। को पापी बड़ मोहि समाना।।
English explanation
Even on parting from such a son, my life did not depart. Who is as great a sinner as I?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सो | उस; ऐसे | that; such a |
| सुत | पुत्र से | son |
| बिछुरत | बिछुड़ते समय | on parting from |
| गए | चले गए; निकल गए | departed |
| न | नहीं | not |
| प्राना | प्राण; जीवन | life; vital breath |
| को | कौन | who |
| पापी | पापी | sinner |
| बड़ | बड़ा | great |
| मोहि | मुझ | me |
| समाना | के समान | equal to |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.149
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 467
- सहायक विषय
- दशरथ-सुमन्त्र-संवाद, दशरथ-मरण
- मुद्रित पृष्ठ
- 467, 468
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