अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
राउरि रीति सुबानि बड़ाई। जगत बिदित निगमागम गाई।।
मूल पाठ
राउरि रीति सुबानि बड़ाई। जगत बिदित निगमागम गाई।।
कूर कुटिल खल कुमति कलंकी। नीच निसील निरीस निसंकी।।
स्रोत अभिलेख 2.299 · पुस्तक पृ. 593, 594
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे नाथ! आपकी रीति और सुन्दर स्वभावकी बड़ाई जगत्में प्रसिद्ध है, और वेद-शास्त्रोंने गायी है। जो क्रूर, कुटिल, दुष्ट, कुबुद्धि, कलंकी, नीच, शीलरहित, निरीश्वरवादी (नास्तिक) और नि:शंक (निडर) हैं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 593 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 राउरि रीति सुबानि बड़ाई। जगत बिदित निगमागम गाई।।
English explanation
Your ways, gracious nature, and greatness are known throughout the world and sung by the Vedas and Agamas.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राउरि | आपकी | your |
| रीति | व्यवहार की रीति | ways of conduct |
| सुबानि | सुंदर स्वभाव | gracious nature |
| बड़ाई | महिमा | greatness |
| जगत | संसार में | throughout the world |
| बिदित | प्रसिद्ध | well known |
| निगमागम | वेद और आगम शास्त्रों ने | the Vedas and Agama scriptures |
| गाई | गान किया है | have sung |
2 कूर कुटिल खल कुमति कलंकी। नीच निसील निरीस निसंकी।।
English explanation
Even those who are cruel, deceitful, wicked, ill-minded, disgraced, base, without moral character, without belief in God, and heedless of wrongdoing—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कूर | क्रूर | cruel |
| कुटिल | कपटी | deceitful |
| खल | दुष्ट | wicked |
| कुमति | बुरी बुद्धि वाले | ill-minded |
| कलंकी | कलंकित | disgraced |
| नीच | नीच आचरण वाले | base in conduct |
| निसील | शीलहीन | without moral character |
| निरीस | ईश्वर को न मानने वाले | those who do not acknowledge God |
| निसंकी | बुराई करने में निःशंक | heedless in doing wrong |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.299
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 593
- सहायक विषय
- श्रीराम-भरत-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 593, 594
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।