अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
रघुबर कहेउ लखन भल घाटू। करहु कतहुँ अब ठाहर ठाटू।।
मूल पाठ
रघुबर कहेउ लखन भल घाटू। करहु कतहुँ अब ठाहर ठाटू।।
लखन दीख पय उतर करारा। चहुँ दिसि फिरेउ धनुष जिमि नारा।।
स्रोत अभिलेख 2.133 · पुस्तक पृ. 454, 455
भावार्थ
मूल पाठ के बादश्रीरामचन्द्रजीने कहा—लक्ष्मण! बड़ा अच्छा घाट है। अब यहीं कहीं ठहरनेकी व्यवस्था करो। तब लक्ष्मणजीने पयस्विनी नदीके उत्तरके ऊँचे किनारेको देखा [और कहा कि—] इसके चारों ओर धनुषके-जैसा एक नाला फिरा हुआ है॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 454 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 रघुबर कहेउ लखन भल घाटू। करहु कतहुँ अब ठाहर ठाटू।।
English explanation
Rama said, “Lakshmana, this riverbank is good. Now arrange a place to stay somewhere here.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रघुबर | रघुकुल में श्रेष्ठ राम | Rama, foremost of Raghu’s lineage |
| कहेउ | कहा | said |
| लखन | हे लक्ष्मण | O Lakshmana |
| भल | अच्छा | good |
| घाटू | नदी का घाट | riverbank landing |
| करहु | करो | make; arrange |
| कतहुँ | कहीं | somewhere |
| अब | अब | now |
| ठाहर | रहने का स्थान | a place to stay |
| ठाटू | व्यवस्था | arrangements |
2 लखन दीख पय उतर करारा। चहुँ दिसि फिरेउ धनुष जिमि नारा।।
English explanation
Lakshmana saw that the river’s high northern bank curved around like a bowstring.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| लखन | लक्ष्मण ने | Lakshmana |
| दीख | देखा | saw |
| पय | जल; यहाँ नदी | water; here, the river |
| उतर | उत्तर की ओर | on the northern side |
| करारा | ऊँचा नदी-तट | high riverbank |
| चहुँ | चारों | all four |
| दिसि | दिशाओं में | directions |
| फिरेउ | घूमा हुआ था | curved around |
| धनुष | धनुष की | of a bow |
| जिमि | जैसे | like |
| नारा | डोरी | bowstring |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.133
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 454
- सहायक विषय
- चित्रकूटमें निवास, कोल-भीलोंके द्वारा सेवा
- मुद्रित पृष्ठ
- 454, 455
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