अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
नदी पनच सर सम दम दाना। सकल कलुष कलि साउज नाना।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दनदी (मन्दाकिनी) उस धनुषकी प्रत्यञ्चा (डोरी) है और शम, दम, दान बाण हैं। कलियुगके समस्त पाप उसके अनेकों हिंसक पशु [रूप निशाने] हैं। चित्रकूट ही मानो अचल शिकारी है, जिसका निशाना कभी चूकता नहीं, और जो सामनेसे मारता है॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 454 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
नदी पनच सर सम दम दाना। सकल कलुष कलि साउज नाना।।
चित्रकूट जनु अचल अहेरी। चुकइ न घात मार मुठभेरी।।
स्रोत अभिलेख 2.133 · पुस्तक पृ. 454, 455
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 नदी पनच सर सम दम दाना। सकल कलुष कलि साउज नाना।।
English explanation
The river is the bow, and restraint of the mind, restraint of the senses, and charity are its arrows; all sins and the many evils of the Kali age are the game animals.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नदी | नदी | the river |
| पनच | धनुष | bow |
| सर | बाण | arrows |
| सम | मन का संयम | restraint of the mind |
| दम | इंद्रियों का संयम | restraint of the senses |
| दाना | दान | charity |
| सकल | समस्त | all |
| कलुष | पाप और मलिनताएँ | sins and impurities |
| कलि | कलियुग के दोष | evils of the Kali age |
| साउज | शिकार के पशु | game animals |
| नाना | अनेक प्रकार के | of many kinds |
2 चित्रकूट जनु अचल अहेरी। चुकइ न घात मार मुठभेरी।।
English explanation
Chitrakuta is like a steadfast mountain-hunter whose aim never fails and who slays the game with a volley of arrows.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चित्रकूट | चित्रकूट पर्वत | Mount Chitrakuta |
| जनु | मानो | as though |
| अचल | पर्वत; अडिग | mountain; immovable |
| अहेरी | शिकारी | hunter |
| चुकइ | चूकता है | misses |
| न | नहीं | not |
| घात | निशाना | aim; shot |
| मार | मारता है | slays |
| मुठभेरी | एक साथ अनेक बाणों की बौछार से | with a simultaneous volley of arrows |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.133
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 454
- सहायक विषय
- चित्रकूटमें निवास, कोल-भीलोंके द्वारा सेवा
- मुद्रित पृष्ठ
- 454, 455
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।