अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मो कहुँ काह कहब रघुनाथा। रखिहहिं भवन कि लेहहिं साथा।।
मूल पाठ
मो कहुँ काह कहब रघुनाथा। रखिहहिं भवन कि लेहहिं साथा।।
राम बिलोकि बंधु कर जोरें। देह गेह सब सन तृनु तोरें।।
स्रोत अभिलेख 2.7 · पुस्तक पृ. 401, 402
भावार्थ
मूल पाठ के बादमुझको श्रीरघुनाथजी क्या कहेंगे? घरपर रखेंगे या साथ ले चलेंगे? श्रीरामचन्द्रजीने भाई लक्ष्मणको हाथ जोड़े और शरीर तथा घर सभीसे नाता तोड़े हुए खड़े देखा॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 401 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 मो कहुँ काह कहब रघुनाथा। रखिहहिं भवन कि लेहहिं साथा।।
English explanation
‘What will Rama say to me? Will he leave me at home or take me along?’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मो | मुझ | me |
| कहुँ | को, से | to |
| काह | क्या | what |
| कहब | कहेंगे | will say |
| रघुनाथा | रघुवंश के स्वामी राम | Rama, lord of Raghu’s lineage |
| रखिहहिं | रखेंगे | will keep |
| भवन | घर में | at home |
| कि | या | or |
| लेहहिं | ले जाएँगे | will take |
| साथा | साथ | along |
2 राम बिलोकि बंधु कर जोरें। देह गेह सब सन तृनु तोरें।।
English explanation
Rama saw his brother with folded hands, having severed his attachment to his body, home, and everything else.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | राम ने | Rama |
| बिलोकि | देखकर | having seen |
| बंधु | भाई लक्ष्मण को | his brother Lakshmana |
| कर | हाथ | hands |
| जोरें | जोड़े हुए | folded together |
| देह | शरीर | body |
| गेह | घर | home |
| सब | सबसे | everything |
| सन | से, के साथ | with |
| तृनु | तिनका | a straw |
| तोरें | तोड़ चुके | having broken |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.7
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 401
- सहायक विषय
- श्रीराम-कौसल्या-सीता-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 401, 402
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।