अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मोहि न लाज निज नेहु निहारी। राम सरिस सुत मैं महतारी।।
मूल पाठ
मोहि न लाज निज नेहु निहारी। राम सरिस सुत मैं महतारी।।
जिऐ मरै भल भूपति जाना। मोर हृदय सत कुलिस समाना।।
स्रोत अभिलेख 2.166 · पुस्तक पृ. 481, 481
भावार्थ
मूल पाठ के बादअपने स्नेहकी ओर देखकर मुझे लाज भी नहीं आती; राम-सरीखे पुत्रकी मैं माता! जीना और मरना तो राजाने खूब जाना। मेरा हृदय तो सैकड़ों वज्रोंके समान कठोर है॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 481 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 मोहि न लाज निज नेहु निहारी। राम सरिस सुत मैं महतारी।।
English explanation
Even seeing what my own love amounts to, I feel no shame—I have a son like Rama, and I am his mother!
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मोहि | मुझे | to me |
| न | नहीं | not |
| लाज | लज्जा | shame |
| निज | अपना | my own |
| नेहु | प्रेम | love |
| निहारी | देखकर | having observed |
| राम | राम | Rama |
| सरिस | जैसा | like |
| सुत | पुत्र | son |
| मैं | मैं | I |
| महतारी | माता | mother |
2 जिऐ मरै भल भूपति जाना। मोर हृदय सत कुलिस समाना।।
English explanation
King Dasharatha knew well how to live and die; my heart is as hard as a hundred thunderbolts.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जिऐ | जीना; जीने का ढंग | living; how to live |
| मरै | मरना; मरने का ढंग | dying; how to die |
| भल | भली प्रकार | well; rightly |
| भूपति | राजा दशरथ ने | King Dasharatha |
| जाना | जाना; समझा | knew; understood |
| मोर | मेरा | my |
| हृदय | हृदय | heart |
| सत | सौ | a hundred |
| कुलिस | वज्र | thunderbolts; adamantine weapons |
| समाना | समान | equal to; like |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.166
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 481
- सहायक विषय
- भरत-कौसल्या-संवाद और दशरथजीकी अन्त्येष्टि क्रिया
- मुद्रित पृष्ठ
- 481, 481
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