अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मोहि दीन्ह सुखु सुजसु सुराजू। कीन्ह कैकेईं सब कर काजू।।
मूल पाठ
मोहि दीन्ह सुखु सुजसु सुराजू। कीन्ह कैकेईं सब कर काजू।।
एहि तें मोर काह अब नीका। तेहि पर देन कहहु तुम्ह टीका।।
स्रोत अभिलेख 2.18 · पुस्तक पृ. 492, 493
भावार्थ
मूल पाठ के बादऔर मुझे सुख, सुन्दर यश और उत्तम राज्य दिया! कैकेयीने सभीका काम बना दिया! इससे अच्छा अब मेरे लिये और क्या होगा? उसपर भी आप लोग मुझे राजतिलक देनेको कहते हैं!॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 493 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 मोहि दीन्ह सुखु सुजसु सुराजू। कीन्ह कैकेईं सब कर काजू।।
English explanation
She gave me happiness, good fame, and a fine kingdom—thus Kaikeyi has served everyone’s interests!
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मोहि | मुझे, भरत को | to me, Bharata |
| दीन्ह | दिया | gave |
| सुखु | सुख | happiness |
| सुजसु | अच्छी कीर्ति | good fame |
| सुराजू | अच्छा राज्य | a fine kingdom |
| कीन्ह | कर दिया | accomplished |
| कैकेईं | कैकेयी ने | Kaikeyi, as the agent |
| सब | सबका | everyone’s |
| कर | का | of |
| काजू | काम | interests |
2 एहि तें मोर काह अब नीका। तेहि पर देन कहहु तुम्ह टीका।।
English explanation
What greater good could there now be for me? On top of that, you propose to crown me!
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एहि | इससे | than this |
| तें | से | than |
| मोर | मेरा | for me |
| काह | क्या | what |
| अब | अब | now |
| नीका | अच्छा | better |
| तेहि | उसके | that |
| पर | ऊपर | on top of |
| देन | देने को | to bestow |
| कहहु | कहते हो | propose |
| तुम्ह | तुम लोग | you all |
| टीका | राजतिलक | royal coronation |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.18
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 493
- सहायक विषय
- वसिष्ठ-भरत-संवाद, श्रीरामजीको लानेके लिये चित्रकूट जानेकी तैयारी
- मुद्रित पृष्ठ
- 492, 493
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।