अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मोहि अनुचर कर केतिक बाता। तेहि महँ कुसमउ बाम बिधाता।।
मूल पाठ
मोहि अनुचर कर केतिक बाता। तेहि महँ कुसमउ बाम बिधाता।।
जौं हठ करउँ त निपट कुकरमू। हरगिरि तें गुरु सेवक धरमू।।
स्रोत अभिलेख 2.253 · पुस्तक पृ. 554, 555
भावार्थ
मूल पाठ के बादमुझ सेवककी तो बात ही कितनी है? उसमें भी समय खराब है (मेरे दिन अच्छे नहीं हैं) और विधाता प्रतिकूल है। यदि मैं हठ करता हूँ तो यह घोर कुकर्म (अधर्म) होगा, क्योंकि सेवकका धर्म शिवजीके पर्वत कैलाससे भी भारी (निबाहनेमें कठिन) है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 555 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 मोहि अनुचर कर केतिक बाता। तेहि महँ कुसमउ बाम बिधाता।।
English explanation
What weight does the word of a servant like me carry? Besides, the time is ill-fated and destiny is adverse.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मोहि | मुझ | me |
| अनुचर | सेवक | a servant |
| कर | की | of |
| केतिक | कितनी | how much |
| बाता | बात का महत्त्व | weight of one's word |
| तेहि | उस | that |
| महँ | पर भी | on top of |
| कुसमउ | प्रतिकूल समय | an unfavorable time |
| बाम | विरुद्ध | adverse |
| बिधाता | विधाता | the ordainer of fate |
2 जौं हठ करउँ त निपट कुकरमू। हरगिरि तें गुरु सेवक धरमू।।
English explanation
If I insist, it would be utterly wrong; a servant's duty is weightier even than Shiva's mountain.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जौं | यदि | if |
| हठ | हठ | insistence |
| करउँ | मैं करूँ | I practice |
| त | तो | then |
| निपट | सर्वथा | utterly |
| कुकरमू | बुरा कर्म | a wrongful deed |
| हरगिरि | शिव का पर्वत कैलास | Kailasa, Shiva's mountain |
| तें | से भी | even than |
| गुरु | भारी | weightier |
| सेवक | सेवक का | a servant's |
| धरमू | धर्म या कर्तव्य | duty |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.253
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 555
- सहायक विषय
- वनवासियोंद्वारा भरतजीकी मण्डलीका सत्कार, कैकेयीका पश्चात्ताप
- मुद्रित पृष्ठ
- 554, 555
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।