अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मैं आपन किमि कहौं कलेसू। जिअत फिरेउँ लेइ राम सँदेसू।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दमैं अपने क्लेशको कैसे कहूँ, जो श्रीरामजीका यह सँदेसा लेकर जीता ही लौट आया! ऐसा कहकर मन्त्रीकी वाणी रुक गयी (वे चुप हो गये) और वे हानिकी ग्लानि और सोचके वश हो गये॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 471 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
मैं आपन किमि कहौं कलेसू। जिअत फिरेउँ लेइ राम सँदेसू।।
अस कहि सचिव बचन रहि गयऊ। हानि गलानि सोच बस भयऊ।।
स्रोत अभिलेख 2.153 · पुस्तक पृ. 470, 471
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 मैं आपन किमि कहौं कलेसू। जिअत फिरेउँ लेइ राम सँदेसू।।
English explanation
How can I express my anguish? I returned alive, carrying Rama’s message.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मैं | मैं | I |
| आपन | अपना | my own |
| किमि | कैसे | how |
| कहौं | कहूँ | can I express |
| कलेसू | दुःख | anguish |
| जिअत | जीवित रहते हुए | still alive |
| फिरेउँ | मैं लौट आया | I returned |
| लेइ | लेकर | carrying |
| राम | श्रीराम का | of Rama |
| सँदेसू | संदेश | message |
2 अस कहि सचिव बचन रहि गयऊ। हानि गलानि सोच बस भयऊ।।
English explanation
Having said this, the minister Sumantra fell silent, overcome by loss, remorse, and grief.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अस | ऐसा | this |
| कहि | कहकर | having said |
| सचिव | मंत्री सुमंत्र | the minister Sumantra |
| बचन | वाणी | speech |
| रहि | रुक | ceased |
| गयऊ | गई | came to a stop |
| हानि | हानि का दुःख | sense of loss |
| गलानि | ग्लानि | remorse |
| सोच | चिंता और शोक | anxiety and grief |
| बस | वश में | under the sway of |
| भयऊ | हो गए | became |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.153
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 471
- सहायक विषय
- दशरथ-सुमन्त्र-संवाद, दशरथ-मरण
- मुद्रित पृष्ठ
- 470, 471
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।