अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मुदित महिपति मंदिर आए। सेवक सचिव सुमंत्रु बोलाए।।
मूल पाठ
मुदित महिपति मंदिर आए। सेवक सचिव सुमंत्रु बोलाए।।
कहि जयजीव सीस तिन्ह नाए। भूप सुमंगल बचन सुनाए।।
स्रोत अभिलेख 2.5 · पुस्तक पृ. 347, 348
भावार्थ
मूल पाठ के बादराजा आनन्दित होकर महलमें आये और उन्होंने सेवकोंको तथा मन्त्री सुमन्त्रको बुलवाया। उन लोगोंने 'जय-जीव कहकर सिर नवाये। तब राजाने सुन्दर मङ्गलमय वचन (श्रीरामजीको युवराज-पद देनेका प्रस्ताव) सुनाये॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 347 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 मुदित महिपति मंदिर आए। सेवक सचिव सुमंत्रु बोलाए।।
English explanation
The delighted King Dasharatha came to the palace and summoned the attendants, ministers, and Sumantra.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मुदित | प्रसन्न | delighted |
| महिपति | राजा दशरथ | King Dasharatha |
| मंदिर | महल में | to the palace |
| आए | आए | came |
| सेवक | सेवकों को | the attendants |
| सचिव | मंत्रियों को | the ministers |
| सुमंत्रु | मंत्री सुमंत्र को | Sumantra, the minister |
| बोलाए | बुलाया | summoned |
2 कहि जयजीव सीस तिन्ह नाए। भूप सुमंगल बचन सुनाए।।
English explanation
They bowed their heads, saying, “May you be victorious and live long.” The king then spoke most auspicious words.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहि | कहकर | having said |
| जयजीव | विजयी रहें और दीर्घायु हों | may you be victorious and live long |
| सीस | सिर | heads |
| तिन्ह | उन्होंने | they |
| नाए | झुकाए | bowed |
| भूप | राजा ने | the king |
| सुमंगल | अत्यंत शुभ | most auspicious |
| बचन | वचन | words |
| सुनाए | सुनाए | spoke to them |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.5
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 347
- सहायक विषय
- मंगलाचरण
- मुद्रित पृष्ठ
- 347, 348
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