अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मारग चलहु पयादेहि पाएँ। ज्योतिषु झूठ हमारें भाएँ।।
मूल पाठ
मारग चलहु पयादेहि पाएँ। ज्योतिषु झूठ हमारें भाएँ।।
अगमु पंथ गिरि कानन भारी। तेहि महँ साथ नारि सुकुमारी।।
स्रोत अभिलेख 2.112 · पुस्तक पृ. 436, 437
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[ऐसे राजचिह्नोंके होते हुए भी] तुमलोग रास्तेमें पैदल ही चल रहे हो, इससे हमारी समझमें आता है कि ज्योतिष-शास्त्र झूठा ही है। भारी जंगल और बड़े-बड़े पहाड़ोंका दुर्गम रास्ता है। तिसपर तुम्हारे साथ सुकुमारी स्त्री है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 436 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 मारग चलहु पयादेहि पाएँ। ज्योतिषु झूठ हमारें भाएँ।।
English explanation
You travel the road on foot; in our view, astrology is false.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मारग | रास्ते पर | along the road |
| चलहु | तुम चलते हो | you walk |
| पयादेहि | पैदल ही | on foot |
| पाएँ | पाँवों से | with your feet |
| ज्योतिषु | ज्योतिष विद्या | astrology |
| झूठ | झूठा | false |
| हमारें | हमारी | our |
| भाएँ | समझ में | in the judgment of |
2 अगमु पंथ गिरि कानन भारी। तेहि महँ साथ नारि सुकुमारी।।
English explanation
The route is difficult, with mountains and dense forests; moreover, a delicate woman accompanies you.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अगमु | दुर्गम | difficult to traverse |
| पंथ | मार्ग | path |
| गिरि | पर्वत | mountains |
| कानन | वन | forests |
| भारी | घने और दुर्गम | dense and formidable |
| तेहि | उस परिस्थिति | that situation |
| महँ | में | in |
| साथ | साथ में | accompanying you |
| नारि | स्त्री | woman |
| सुकुमारी | सुकुमार | delicate |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.112
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 436
- सहायक विषय
- यमुनाको प्रणाम, वनवासियोंका प्रेम
- मुद्रित पृष्ठ
- 436, 437
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।