अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मातु तात कहँ देहि देखाई। कहँ सिय रामु लखनु दोउ भाई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्द[फिर बोले—] माता! पिताजी कहाँ हैं? उन्हें दिखा दे। सीताजी तथा मेरे दोनों भाई श्रीराम-लक्ष्मण कहाँ हैं? [उन्हें दिखा दे।] कैकेयी जगत्में क्यों जनमी? और यदि जनमी ही तो फिर बाँझ क्यों न हुई?—॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 479 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
मातु तात कहँ देहि देखाई। कहँ सिय रामु लखनु दोउ भाई।।
कैकइ कत जनमी जग माझा। जौं जनमि त भइ काहे न बाँझा।।
स्रोत अभिलेख 2.164 · पुस्तक पृ. 479, 480
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 मातु तात कहँ देहि देखाई। कहँ सिय रामु लखनु दोउ भाई।।
English explanation
Mother, where is Father? Let me see him. Where are Sita and the two brothers, Rama and Lakshmana?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मातु | हे माँ | O Mother |
| तात | पिता दशरथ | Father Dasharatha |
| कहँ | कहाँ | where |
| देहि | दे दो | please grant |
| देखाई | दिखाई, दर्शन | a sight of him |
| कहँ | कहाँ हैं | where are |
| सिय | सीता | Sita, Rama's wife |
| रामु | राम | Rama |
| लखनु | लक्ष्मण | Lakshmana |
| दोउ | दोनों | both |
| भाई | भाई | brothers |
2 कैकइ कत जनमी जग माझा। जौं जनमि त भइ काहे न बाँझा।।
English explanation
Why was Kaikeyi born into this world? Even if she was born, why did she not remain barren?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कैकइ | कैकेयी, भरत की माता | Kaikeyi, Bharata's mother |
| कत | क्यों | why |
| जनमी | जन्मी | was born |
| जग | संसार | the world |
| माझा | में | in |
| जौं | यदि | if |
| जनमि | जन्मी | was born |
| त | तो | then |
| भइ | हुई | became |
| काहे | क्यों | why |
| न | नहीं | not |
| बाँझा | संतानहीन | barren |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.164
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 479
- सहायक विषय
- भरत-कौसल्या-संवाद और दशरथजीकी अन्त्येष्टि क्रिया
- मुद्रित पृष्ठ
- 479, 480
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।