अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मन प्रसन्न तन तेजु बिराजा। जनु जिय राउ रामु भए राजा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दउनके मन प्रसन्न हो गये। शरीरमें तेज सुशोभित हो गया। मानो राजा दशरथ जी उठे हों और श्रीरामचन्द्रजी राजा हो गये हों! अन्य लोगोंको तो इसमें लाभ अधिक और हानि कम प्रतीत हुई। परन्तु रानियोंको दु:ख-सुख समान ही थे (राम-लक्ष्मण वनमें रहें या भरत-शत्रुघ्र, दो पुत्रोंका वियोग तो रहेगा ही), यह समझकर वे सब रोने लगीं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 557 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
मन प्रसन्न तन तेजु बिराजा। जनु जिय राउ रामु भए राजा।।
बहुत लाभ लोगन्ह लघु हानी। सम दुख सुख सब रोवहिं रानी।।
स्रोत अभिलेख 2.256 · पुस्तक पृ. 557, 558
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 मन प्रसन्न तन तेजु बिराजा। जनु जिय राउ रामु भए राजा।।
English explanation
Their hearts were glad and their bodies shone, as though King Dasharatha had come back to life and Rama had become king.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मन | मन | hearts; minds |
| प्रसन्न | प्रसन्न | glad |
| तन | शरीर पर | on their bodies |
| तेजु | तेज, चमक | radiance |
| बिराजा | शोभित हुआ | shone forth |
| जनु | मानो | as though |
| जिय | जी उठे | came back to life |
| राउ | राजा दशरथ | King Dasharatha |
| रामु | राम | Rama |
| भए | हो गए | became |
| राजा | राजा | king |
2 बहुत लाभ लोगन्ह लघु हानी। सम दुख सुख सब रोवहिं रानी।।
English explanation
The people saw great gain and little loss in this; all the queens wept, feeling sorrow and joy in equal measure.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बहुत | बहुत | great; much |
| लाभ | लाभ | gain; benefit |
| लोगन्ह | लोगों को | to the people |
| लघु | थोड़ी | slight; little |
| हानी | हानि | loss |
| सम | समान मात्रा में | in equal measure |
| दुख | दुःख | sorrow |
| सुख | सुख | joy |
| सब | सभी | all |
| रोवहिं | रोती हैं | weep |
| रानी | रानियाँ | queens |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.256
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 557
- सहायक विषय
- श्रीवसिष्ठजीका भाषण
- मुद्रित पृष्ठ
- 557, 558
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।