अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मनहुँ बारिनिधि बूड़ जहाजू। भयउ बिकल बड़ बनिक समाजू।।
मूल पाठ
मनहुँ बारिनिधि बूड़ जहाजू। भयउ बिकल बड़ बनिक समाजू।।
एकहि एक देंहिं उपदेसू। तजे राम हम जानि कलेसू।।
स्रोत अभिलेख 2.86 · पुस्तक पृ. 414, 415
भावार्थ
मूल पाठ के बादमानो समुद्रमें जहाज डूब गया हो, जिससे व्यापारियोंका समुदाय बहुत ही व्याकुल हो उठा हो। वे एक-दूसरेको उपदेश देते हैं कि श्रीरामचन्द्रजीने, हमलोगोंको क्लेश होगा, यह जानकर छोड़ दिया है॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 414 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 मनहुँ बारिनिधि बूड़ जहाजू। भयउ बिकल बड़ बनिक समाजू।।
English explanation
It was as though a ship had sunk in the sea and a large company of merchants had become distraught.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मनहुँ | मानो | as though |
| बारिनिधि | समुद्र में | in the sea |
| बूड़ | डूब गया | sank |
| जहाजू | जहाज | ship |
| भयउ | हो गया | became |
| बिकल | व्याकुल | distraught |
| बड़ | बड़ा | large |
| बनिक | व्यापारियों का | of merchants |
| समाजू | समुदाय | company |
2 एकहि एक देंहिं उपदेसू। तजे राम हम जानि कलेसू।।
English explanation
They tell one another, “Rama left us behind, considering us a source of trouble.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एकहि | एक को | to one another |
| एक | दूसरा व्यक्ति | another person |
| देंहिं | देते हैं | give |
| उपदेसू | समझाइश | counsel |
| तजे | छोड़ दिया | left behind |
| राम | राम ने | Rama |
| हम | हमें | us |
| जानि | समझकर | considering |
| कलेसू | कष्ट का कारण | a source of trouble |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.86
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 414
- सहायक विषय
- श्रीराम-सीता-लक्ष्मणका वनगमन और नगर-निवासियोंको सोये छोड़कर आगे बढ़ना
- मुद्रित पृष्ठ
- 414, 415
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।