अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मंत्री मुदित सुनत प्रिय बानी। अभिमत बिरवँ परेउ जनु पानी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दइस प्रिय वाणीको सुनते ही मन्त्री ऐसे आनन्दित हुए मानो उनके मनोरथरूपी पौधेपर पानी पड़ गया हो। मन्त्री हाथ जोड़कर विनती करते हैं कि हे जगत्पति! आप करोड़ों वर्ष जियें॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 347 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
मंत्री मुदित सुनत प्रिय बानी। अभिमत बिरवँ परेउ जनु पानी।।
बिनती सचिव करहि कर जोरी। जिअहु जगतपति बरिस करोरी।।
स्रोत अभिलेख 2.5 · पुस्तक पृ. 347, 348
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 मंत्री मुदित सुनत प्रिय बानी। अभिमत बिरवँ परेउ जनु पानी।।
English explanation
The ministers rejoiced on hearing these welcome words, as though the sapling of their cherished wish had been watered.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मंत्री | मंत्री | the ministers |
| मुदित | प्रसन्न हुए | rejoiced |
| सुनत | सुनते ही | on hearing |
| प्रिय | प्रिय लगने वाली | welcome |
| बानी | वाणी | words |
| अभिमत | मनचाहा मनोरथ | cherished wish |
| बिरवँ | पौधे पर | upon the sapling |
| परेउ | पड़ गया | fell |
| जनु | मानो | as though |
| पानी | पानी | water |
2 बिनती सचिव करहि कर जोरी। जिअहु जगतपति बरिस करोरी।।
English explanation
With folded hands, the ministers petitioned, “O lord of the world, may you live for millions upon millions of years.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिनती | विनती | a respectful petition |
| सचिव | मंत्री | the ministers |
| करहि | करते हैं | make |
| कर | हाथ | hands |
| जोरी | जोड़कर | having joined |
| जिअहु | आप जीते रहें | may you live |
| जगतपति | हे जगत के स्वामी | O lord of the world |
| बरिस | वर्ष | years |
| करोरी | करोड़ों | millions upon millions |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.5
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 347
- सहायक विषय
- मंगलाचरण
- मुद्रित पृष्ठ
- 347, 348
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।