अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
भूप भगीरथ सुरसरि आनी। सुमिरत सकल सुंमगल खानी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दराजा भगीरथ गङ्गाजीको लाये, जिन (गङ्गाजी) का स्मरण ही सम्पूर्ण सुन्दर मङ्गलोंकी खान है। दशरथजीके गुणसमूहोंका तो वर्णन ही नहीं किया जा सकता; अधिक क्या, जिनकी बराबरीका जगत्में कोई नहीं है॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 517 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
भूप भगीरथ सुरसरि आनी। सुमिरत सकल सुंमगल खानी।।
दसरथ गुन गन बरनि न जाहीं। अधिकु कहा जेहि सम जग नाहीं।।
स्रोत अभिलेख 2.209 · पुस्तक पृ. 516, 517
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 भूप भगीरथ सुरसरि आनी। सुमिरत सकल सुंमगल खानी।।
English explanation
King Bhagiratha brought the Ganges to earth; remembering her is a source of every blessing.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भूप | राजा | king |
| भगीरथ | गंगा को धरती पर लाने वाले भगीरथ | Bhagiratha, who brought the Ganges to earth |
| सुरसरि | देवनदी गंगा | the Ganges, river of the gods |
| आनी | ले आए | brought |
| सुमिरत | स्मरण करने पर | upon remembering |
| सकल | सभी | all |
| सुंमगल | शुभ मंगलों की | of auspicious blessings |
| खानी | खान, स्रोत | mine or source |
2 दसरथ गुन गन बरनि न जाहीं। अधिकु कहा जेहि सम जग नाहीं।।
English explanation
Dasharatha’s multitude of virtues cannot be described. What more can be said? No one in the world equals him.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दसरथ | राम के पिता राजा दशरथ के | of King Dasharatha, Rama’s father |
| गुन | गुणों का | of virtues |
| गन | समूह | multitude |
| बरनि | वर्णन किए | described |
| न | नहीं | not |
| जाहीं | जा सकते | can be |
| अधिकु | और अधिक | more |
| कहा | क्या कहा जाए | what can be said |
| जेहि | जिनके | whom |
| सम | समान | equal to |
| जग | संसार में | in the world |
| नाहीं | कोई नहीं है | there is no one |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.209
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 517
- सहायक विषय
- भरतजीका प्रयाग जाना और भरत-भरद्वाज-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 516, 517
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।