अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
भानु कमल कुल पोषनिहारा। बिनु जल जारि करइ सोइ छारा।।
मूल पाठ
भानु कमल कुल पोषनिहारा। बिनु जल जारि करइ सोइ छारा।।
जरि तुम्हारि चह सवति उखारी। रूँधहु करि उपाउ बर बारी।।
स्रोत अभिलेख 2.17 · पुस्तक पृ. 357, 358
भावार्थ
मूल पाठ के बादसूर्य कमलके कुलका पालन करनेवाला है, पर बिना जलके वही सूर्य उनको (कमलोंको) जलाकर भस्म कर देता है। सौत कौसल्या तुम्हारी जड़ उखाडऩा चाहती है। अत: उपायरूपी श्रेष्ठ बाड़ (घेरा) लगाकर उसे रूँध दो (सुरक्षित कर दो)॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 357 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 भानु कमल कुल पोषनिहारा। बिनु जल जारि करइ सोइ छारा।।
English explanation
The sun nourishes the lotus family, yet without water that very sun burns it to ashes.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भानु | सूर्य | the sun |
| कमल | कमलों का | of lotuses |
| कुल | समूह | family or group |
| पोषनिहारा | पोषण करने वाला | nourisher |
| बिनु | बिना | without |
| जल | जल के | water |
| जारि | जलाकर | having burned |
| करइ | कर देता है | makes |
| सोइ | वही सूर्य | that very sun |
| छारा | राख | ashes |
2 जरि तुम्हारि चह सवति उखारी। रूँधहु करि उपाउ बर बारी।।
English explanation
Your co-wife wants to uproot you. Take effective measures and protect yourself as with a strong fence.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जरि | जड़ | root |
| तुम्हारि | आपकी | your |
| चह | चाहती है | wants |
| सवति | सौत, कौसल्या | your co-wife, Kaushalya |
| उखारी | उखाड़ना | to uproot |
| रूँधहु | घेरकर सुरक्षित कीजिए | enclose and protect |
| करि | करके | by taking |
| उपाउ | उपाय | measures |
| बर | अच्छी या मजबूत | good or strong |
| बारी | बाड़ | fence |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.17
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 357
- सहायक विषय
- सरस्वतीका मन्थराकी बुद्धि फेरना, कैकेयी-मन्थरा-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 357, 358
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।