अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
भानुबंस भए भूप घनेरे। अधिक एक तें एक बड़ेरे।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्द[और कहा—] सूर्यवंशमें एक-से-एक अधिक बड़े बहुत-से राजा हो गये हैं। सभीके जन्मके कारण पिता-माता होते हैं और शुभ-अशुभ कर्मोंको (कर्मोंका फल) विधाता देते हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 556 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
भानुबंस भए भूप घनेरे। अधिक एक तें एक बड़ेरे।।
जनमु हेतु सब कहँ पितु माता। करम सुभासुभ देइ बिधाता।।
स्रोत अभिलेख 2.255 · पुस्तक पृ. 556, 557
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 भानुबंस भए भूप घनेरे। अधिक एक तें एक बड़ेरे।।
English explanation
Many kings arose in the solar dynasty, each greater than the next.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भानुबंस | सूर्यवंश में | in the solar dynasty |
| भए | हुए | arose |
| भूप | राजा | kings |
| घनेरे | बहुत से | many |
| अधिक | अधिक | more |
| एक | एक | one |
| तें | से | than |
| एक | दूसरा | another |
| बड़ेरे | महान | greater |
2 जनमु हेतु सब कहँ पितु माता। करम सुभासुभ देइ बिधाता।।
English explanation
For everyone, father and mother are the cause of birth; the Creator assigns the fruits of good and bad deeds.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जनमु | जन्म के | of birth |
| हेतु | कारण | cause |
| सब | सभी | everyone |
| कहँ | के लिए | for |
| पितु | पिता | father |
| माता | माता | mother |
| करम | कर्मों का फल | fruits of deeds |
| सुभासुभ | शुभ और अशुभ | good and bad |
| देइ | देता है | gives |
| बिधाता | विधाता, सृष्टिकर्ता | the Creator, disposer of destiny |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.255
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 556
- सहायक विषय
- श्रीवसिष्ठजीका भाषण
- मुद्रित पृष्ठ
- 556, 557
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।